
Bilaspur Flyover Project:बिलासपुर जिले के मंदिर चौक से नेहरू चौक, महामाया चौक और कलेक्ट्रेट रोड पर रोज लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए शहर में करीब 461 करोड़ रुपए की लागत से बहुदिशीय फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार की गई है। प्रस्तावित फ्लाईओवर की खासियत इसका टी और वाई आकार होगा। इसके जरिए शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों को आपस में जोड़ने की योजना है, ताकि रायपुर रोड से आने वाले वाहन नेहरू चौक के जाम में फंसे बिना कोनी और सरकंडा की ओर निकल सकें।
वहीं, मुंगेली रोड, रिवर व्यू, रामसेतु और अरपा बैराज की ओर जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिल सकेगी। फ्लाईओवर की कुल लंबाई करीब 4 किलोमीटर होगी।
नेहरू चौक शहर के प्रमुख मार्गों को जोड़ने वाला व्यस्त चौराहा है। यहां से कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय, एसपी कार्यालय, नगर निगम, मुंगेली रोड, कोनी और सरकंडा की ओर वाहनों की आवाजाही होती है। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के एक ही चौराहे पर पहुंचने से व्यस्त समय में यातायात का दबाव बढ़ जाता है। प्रस्तावित फ्लाईओवर बनने के बाद लंबी दूरी तय करने या सीधे आगे जाने वाले वाहनों को ऊपर से निकलने का विकल्प मिलेगा। इससे चौराहे पर मुड़ने वाले और आसपास के कार्यालयों तथा कॉलोनियों में जाने वाले वाहनों के लिए नीचे की सड़क पर जगह उपलब्ध हो सकेगी।
योजना के मुताबिक, फ्लाईओवर मंदिर चौक के पास शासकीय बालक छात्रावास के सामने से शुरू होगा। यहां से यह नेहरू चौक पहुंचेगा और टी-शेप में मुड़कर मीना बाजार चौक यानी मुंगेली नाका से पहले की ओर कनेक्टिविटी देगा। दूसरी ओर, नेहरू चौक से आगे बढ़ते हुए फ्लाईओवर इंदिरा सेतु के ऊपर से होकर नए रिवर व्यू, सरकंडा के पास पहुंचेगा। यहां से यह वाई-शेप में दो दिशाओं में बंटेगा। इसकी एक शाखा बाईं ओर कोनी रोड पर अरपा बैराज के पास उतरेगी, जबकि दूसरी शाखा दाईं ओर रामसेतु की तरफ जाने वाली नई सड़क से जुड़ेगी।
फ्लाईओवर निर्माण के दौरान नेहरू चौक के मौजूदा स्वरूप को सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण होगा। प्रस्ताव के अनुसार, चौक की प्रतिमा और आईलैंड को नुकसान से बचाने के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी जाएगी। पिलरों की स्थिति और फ्लाईओवर की बनावट इस तरह तय करने की योजना है कि चौराहे का मौजूदा स्वरूप बना रहे। इसके लिए जबलपुर के मदन मोहन चौक पर बने फ्लाईओवर की तर्ज पर इसे विकसित करने की योजना है। डिजाइन में इसका विशेष ध्यान रखा गया है।
योजना के मुताबिक, फ्लाईओवर के अलग-अलग हिस्से शहर के प्रमुख मार्गों को जोड़ेंगे।
इस तरह शहर के भीतर अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले वाहनों को एक ही चौराहे पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा।
फ्लाईओवर का सबसे बड़ा संभावित फायदा रायपुर रोड से आने वाले उन वाहनों को होगा, जिन्हें कोनी, सरकंडा या शहर के दूसरे हिस्सों की ओर जाना होता है। इसी तरह, मुंगेली रोड की दिशा में जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिल सकती है। कलेक्ट्रेट, एसपी कार्यालय, जिला न्यायालय और नगर निगम आने वाले लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
फ्लाईओवर बनने से नेहरू चौक, राजेंद्र नगर चौक, शेफर्ड चौक, महामाया चौक और इंदिरा सेतु के आसपास यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। फिलहाल, प्रस्तावित योजना में अंतिम डिजाइन की मंजूरी एक अहम चरण है।
नितेश तिवारी, ईई, सेतु निगम, पीडब्ल्यूडी के मुताबिक, नेहरू चौक पर फ्लाईओवर बनाने की योजना प्रस्तावित है। इसकी डिजाइन टी और वाई शेप में तैयार करने की योजना है, जिससे नेहरू चौक से मुंगेली नाका, कोनी और रामसेतु की ओर जाने वाले वाहनों को कनेक्टिविटी मिल सके। फ्लाईओवर बनने से प्रमुख चौराहों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।