बिलासपुर

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में भूपेश बघेल की अर्जी खारिज, विजय बघेल के मामले में आगे बढ़ेगी सुनवाई

Election Petition: दुर्ग लोकसभा चुनाव मामले में हाईकोर्ट ने भूपेश बघेल की अर्जी खारिज कर दी। विजय बघेल की चुनाव याचिका पर अब आगे सुनवाई और साक्ष्य की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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Updated: 17 Sep 2026, 5:21 PM IST
Chhattisgarh High Court
हाईकोर्ट से भूपेश बघेल को तगड़ा झटका (Photo Source- Patrika File Photo)

Chhattisgarh High Court: दुर्ग लोकसभा चुनाव से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से दायर उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें भाजपा सांसद विजय बघेल की चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही समाप्त करने की मांग की गई थी। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब विजय बघेल की चुनाव याचिका पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।

यह मामला 2024 के दुर्ग लोकसभा चुनाव से जुड़ा है। भाजपा सांसद विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। इसी याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज कराने के लिए भूपेश बघेल की ओर से सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन पेश किया गया था। हाईकोर्ट ने अब इस आवेदन को स्वीकार नहीं किया है।

Durg Lok Sabha Elections: हाईकोर्ट में दोनों पक्षों ने रखी अपनी दलील

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क रखे गए। भूपेश बघेल की ओर से चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग की गई थी। वहीं विजय बघेल की ओर से इस आवेदन का जवाब पेश किया गया।

इससे पहले 10 सितंबर को विजय बघेल और उनके गवाह सौरभ दुबे साक्ष्य दर्ज कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे थे। हालांकि, भूपेश बघेल की ओर से आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन पेश किए जाने के कारण उस दिन साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आवेदन पर आदेश के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की थी।

क्या है आदेश 7 नियम 11 का मामला?

सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के तहत किसी पक्ष की ओर से यह मांग की जा सकती है कि यदि किसी याचिका में कानूनी रूप से कार्रवाई का आधार नहीं बनता या वह निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती, तो उसे शुरुआती स्तर पर ही खारिज कर दिया जाए। भूपेश बघेल की ओर से भी इसी प्रावधान के तहत विजय बघेल की चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर समाप्त करने की मांग की गई थी। आवेदन में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86(1) का भी हवाला दिया गया था।

Durg Election Petition: सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंच चुका है…

इस चुनाव याचिका से जुड़ा विवाद पहले सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। अगस्त 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने भूपेश बघेल की एसएलपी पर हाईकोर्ट की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार किया था। इसके बाद हाईकोर्ट में विजय बघेल की ओर से साक्ष्य दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता खुला था।

अब आगे क्या होगा?

हाईकोर्ट द्वारा भूपेश बघेल की प्रारंभिक आपत्ति खारिज किए जाने के बाद विजय बघेल की चुनाव याचिका प्रारंभिक स्तर पर समाप्त नहीं हुई है। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी और साक्ष्य तथा अन्य कार्यवाही आगे बढ़ सकती है। हालांकि, इस आदेश का मतलब यह नहीं है कि विजय बघेल की ओर से चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप सही साबित हो गए हैं। उन दावों पर आगे की सुनवाई और साक्ष्य के आधार पर अदालत को निर्णय लेना होगा। मामले के अंतिम परिणाम पर अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।

Updated on:
17 Sep 2026, 5:21 PM IST
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