
Shyam Kashyap Attack Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर तारबाहर थाना क्षेत्र में कांग्रेस नेता श्याम कश्यप पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हमला अचानक नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
पुलिस के अनुसार, कांग्रेस नेता की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी और वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को 5-5 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अब इस हमले के पीछे की पूरी साजिश और इसके संभावित कारणों की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता श्याम कश्यप रोज की तरह रेलवे अस्पताल के पास मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की सूचना पर उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तारबाहर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने हमलावरों की पहचान की और त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया डंडा, एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किया है। जांच के दौरान सामने आया कि हमले की पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले का मुख्य आरोपी दीपक तिवारी और उसका सहयोगी साहिल सोनकर अभी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमले के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, राजनीतिक कारण या कोई अन्य वजह तो नहीं थी।