
ESIC Hospital: श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से बिलासपुर में श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी स्वास्थ्य सौगात मिली है। जिले के ग्राम रहंगी में 100 बेड के ESIC अस्पताल की स्थापना के लिए 5 एकड़ भूमि की स्वीकृति दे दी गई है। 100 करोड़ रुपये से अधिक की इस परियोजना से बिलासपुर समेत आसपास के क्षेत्रों के पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा। लंबे समय से अस्पताल की मांग कर रहे श्रमिक परिवारों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।
बिलासपुर जिले में लंबे समय से पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के उपचार के लिए ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना की मांग की जा रही थी। श्रमिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन (Labour Minister Lakhan Lal Dewangan) ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर बिलासपुर में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया था।
श्रम मंत्री देवांगन के प्रयासों को सफलता मिली। 30 जून 2026 को आयोजित ईएसआईसी कॉरपोरेशन की 198 वीं बोर्ड बैठक में बिलासपुर के रहंगी ग्राम में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना के लिए 5 एकड़ भूमि की स्वीकृति प्रदान की गई। अस्पताल के स्थापित होने से बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में ईएसआईसी (Bilaspur ESIC Hospital) से जुड़े पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारजनों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे श्रमिक परिवारों को उपचार के लिए दूरस्थ क्षेत्रों पर निर्भरता भी कम होगी।
श्रमिक हितों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बिलासपुर में ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना से जिले के हजारों पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।