
Harley Davidson Bike Cop: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में खाकी को कलंकित करने वाले एक बड़े मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू (ACB-EOW) की टीम ने शिकंजा कस दिया है। जीआरपी (GRP) थाना बिलासपुर के बर्खास्त आरक्षक और बहुचर्चित गांजा तस्करी रैकेट के सरगना लक्ष्मण गाईन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) बिलासपुर की अदालत में अभियोग पत्र (चार्जशीट) पेश कर दिया गया है। आरोपी के पास उसकी वैध आय से कहीं अधिक करोड़ों की संपत्ति का खुलासा होने के बाद यह बड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है।
एसीबी बिलासपुर द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 1 दिसंबर 2024 को एसीबी ने बिलासपुर स्थित आरोपी के निवास और अन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की थी। जांच के दौरान जुटाई गई आय और व्यय की जानकारी के मुताबिक, आरोपी लक्ष्मण गाईन की कुल वैध आय करीब 86,76,270 रुपये थी, जबकि उसका कुल व्यय 1,90,09,303.50 रुपये पाया गया। इस प्रकार, उसकी आय से लगभग 1,03,33,033.50 रुपये अधिक खर्च (अवैध संपत्ति) का प्रमाणित आंकड़ा सामने आया। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जीआरपी बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान लक्ष्मण गाईन अपने अन्य आरक्षक साथियों के साथ मिलकर ट्रेनों से गांजा तस्करों को पकड़ता था। हालांकि, तस्करों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, वह जब्त गांजा अपने पास रख लेता था और पैसे वसूलकर उन्हें छोड़ देता था। शुरुआती दौर में छोटे पैमाने पर शुरू हुआ यह खेल बाद में एक बड़े रैकेट में बदल गया। वर्ष 2018 में भी वह ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार हुआ था और डेढ़ साल तक जेल में रहा था, लेकिन छूटने के बाद वह फिर से इसी अवैध धंधे में संलिप्त हो गया। वर्तमान में वह इस मामले में बिलासपुर जेल में बंद है।
महज 40 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले इस सिपाही के शौक और संपत्तियां बेहद चौंकाने वाली थीं। जांच में सामने आया कि उसने गांजा तस्करी के काले कारोबार से पिछले कुछ वर्षों में अकूत संपत्ति अर्जित की। बिलासपुर के कंचन विहार में उसका आलीशान मकान है। इसके अलावा उसके पास दुनिया की सबसे महंगी हार्ले डेविडसन बाइक, हुंडई वरना, मारुति स्विफ्ट और टाटा हैरियर जैसी लग्जरी कारें और कई भूखंड (प्लॉट) मिले हैं। खुफिया विभाग की जांच में यह भी पता चला कि आरोपी और उसके साथियों के पास 45 बेनामी बैंक खाते थे, जो रिश्तेदारों के नाम पर संचालित होते थे। इन खातों में गांजा पैडलरों द्वारा भेजे गए करीब 15 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का भी खुलासा हुआ है।