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161 साल पुराने राम-जानकी मंदिर में दशहरे पर 12 घंटे दर्शन, पहली बार सुबह 4 बजे खुलेंगे पट, मनोकामना पूरी होने की मान्यता

161 Year Old Temple: बिलासपुर के हटरी चौक स्थित 161 साल पुराने श्रीराम-जानकी मंदिर में इस बार दशहरे पर पहली बार सुबह 4 बजे से दर्शन शुरू होंगे। मंदिर के पट शाम 4 बजे बंद होंगे।
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Ram Janaki Mandir History

श्रीराम-जानकी मंदिर (फाइल फोटो)

Ram Janaki Temple:बिलासपुर जिले के हटरी चौक स्थित करीब 161 साल पुराने श्रीराम-जानकी मंदिर में इस बार दशहरे पर दर्शन के समय में बदलाव किया गया है। पहली बार मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुलेंगे और शाम 4 बजे बंद होंगे। इस तरह श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम, माता जानकी और हनुमानजी के दर्शन के लिए 12 घंटे मिलेंगे। मनोकामना पूर्ति मंदिर के नाम से प्रसिद्ध इस देवालय में दशहरे पर बिलासपुर के अलावा दिल्ली, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नत पूरी होती है।

अप्रिय घटनाओं के बाद बनी परंपरा

मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, पहले मंदिर खोलने और प्रतिमाओं को स्पर्श करने के दौरान कुछ अप्रिय घटनाएं हुई थीं। इसके बाद दशहरे पर ही श्रद्धालुओं के लिए पट खोलने की परंपरा शुरू हुई। मान्यता है कि इस दिन भगवान भक्तों की गलतियों को क्षमा करते हैं। यही वजह है कि सालभर श्रद्धालु दशहरे पर दर्शन का इंतजार करते हैं।

नीम के पेड़ की जड़ों के पास मिली थीं प्रतिमाएं

मंदिर के सेवादार बुधेश्वर शर्मा ने बताया कि उनके पूर्वजों के अनुसार, यहां पहले नीम का पेड़ था। पेड़ सूखकर गिरने के बाद उसकी जड़ों के पास भगवान श्रीराम, माता जानकी और भाई लक्ष्मण की प्रतिमाएं दिखाई दी थीं। इसके बाद विधि-विधान से मंदिर की स्थापना की गई। बताया जाता है कि अंग्रेजों के शासनकाल में भी यहां मंदिर मौजूद था।

साल में सिर्फ एक दिन खुलते हैं पट

मंदिर के पुजारी दिनेश चंद्र पांडेय के अनुसार, शुद्धता और मान्यताओं के चलते मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए साल में केवल दशहरे के दिन खोले जाते हैं। हालांकि, बाकी दिनों में मंदिर के भीतर नियमित पूजा-पाठ होता है। परिवार के सदस्य दिन में तीन बार भगवान की पूजा-अर्चना करते हैं। पहले दशहरे पर शाम 5 से रात 9 बजे तक दर्शन होते थे। सीमित समय के कारण कई श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाते थे। इसी को देखते हुए इस बार दर्शन का समय बढ़ाया गया है।