
हादसों को न्योता दे रहे टूटे डिवाइडर (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Bilaspur News: बिलासपुर जिले की व्यस्त सरकंडा-सीपत रोड पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बनाए गए डिवाइडर ही अब हादसों की आशंका बढ़ा रहे हैं। सीएमएचओ कार्यालय से लेकर देवनंदन नगर तक करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क पर 12 जगहों पर डिवाइडर टूटे हुए हैं। इन जगहों से लोग अपनी गाड़ियां बीच सड़क से ही दूसरी ओर निकाल रहे हैं।
भीड़भाड़ वाले मार्ग पर अचानक वाहन मोड़ने से कभी भी हादसा हो सकता है, लेकिन नगर निगम की ओर से इसकी मरम्मत कराने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस मार्ग पर दिनभर दोपहिया, चारपहिया और अन्य वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। डिवाइडर टूटने के कारण कई वाहन चालक निर्धारित रास्ते से जाने के बजाय बीच से ही दूसरी ओर निकल जाते हैं। इससे पीछे से आ रहे वाहनों के चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है। ऐसे में आमने-सामने की टक्कर होने के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
डिवाइडर का उद्देश्य वाहनों को निर्धारित दिशा में चलाना और सड़क पर यातायात को व्यवस्थित रखना है। लेकिन जगह-जगह डिवाइडर टूटे होने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते मरम्मत कर टूटे हिस्सों को बंद नहीं किया गया, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
इस मार्ग पर सबसे ज्यादा खतरा अशोक नगर के पास स्थित शराब दुकान के सामने टूटे डिवाइडर से है। यहां दिनभर लोग टूटे डिवाइडर से वाहन क्रॉस करते रहते हैं। इस मार्ग पर डिवाइडर की स्थिति पिछले तीन से चार साल से ऐसी ही बनी हुई है। जगह-जगह डिवाइडर टूटे होने के बावजूद अब तक इन्हें व्यवस्थित करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इस कारण टूटे डिवाइडर से वाहन क्रॉस करना लोगों की आदत बन गई है।
नगर निगम, बिलासपुर के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार के मुताबिक, सड़क की मरम्मत के साथ ही डिवाइडरों को सुधारने का काम भी निगम करा रहा है। शहर के ऐसे कई मार्गों पर नए डिवाइडर बनाए जा रहे हैं, जहां बीच से डिवाइडर टूटे हुए हैं। सरकंडा-सीपत मार्ग के डिवाइडरों में भी सुधार कराया जाएगा।
Updated on:
19 Oct 2026 12:28 pm
Published on:
19 Oct 2026 12:28 pm
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