बिलासपुर

Bilaspur High Court: जादू-टोना के शक में एक ही परिवार के 3 लोगों के साथ बर्बरता, HC ने पुलिस से मांगा जवाब

High Court: जादू-टोना के संदेह में एक ही परिवार के तीन लोगों के साथ की गई अमानवीय बर्बरता के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने और निष्पक्ष जांच में लापरवाही बरतने पर पुलिस की भूमिका को गंभीरता से लिया है।
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Updated: 19 Mar 2026, 12:39 PM IST
हाईकोर्ट (photo-patrika)
हाईकोर्ट (photo-patrika)

Bilaspur High Court: जादू-टोना के संदेह में एक ही परिवार के तीन लोगों के साथ की गई अमानवीय बर्बरता के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने और निष्पक्ष जांच में लापरवाही बरतने पर पुलिस की भूमिका को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ चल रही विभागीय जांच का परिणाम शपथपत्र के साथ प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को तय की गई है।

पिता-पुत्रों को पीटकर गांव में घुमाया

मामला रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र का है। 13 मार्च 2025 को तिलक साहू को ग्रामीणों ने काला जादू करने के शक में पीटना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर उनके पिता अमर सिंह साहू और भाई नरेश साहू मौके पर पहुंचे, लेकिन भीड़ ने तीनों को ही निशाना बना लिया। ग्रामीणों ने तीनों के साथ मारपीट की, उन्हें अर्धनग्न कर गांव में घुमाया, चेहरे पर कालिख पोती और जूतों की माला पहनाकर चौराहे पर पूरी रात बंधक बनाकर रखा। यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली थी।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप, नहीं दर्ज की शिकायत

घटना की सूचना डायल 112 को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने पीड़ितों से एक कागज पर हस्ताक्षर कराए, जिसमें शिकायत न करने की बात लिखी थी और उन्हें गांव के बाहर छोड़ दिया। जब पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, तो उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का रुख किया। अदालत ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ टोनही प्रताडऩा निवारण अधिनियम, 2005 समेत अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर चालान पेश करने का आदेश दिया।

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19 Mar 2026, 12:39 PM IST
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