बिलासपुर

Pensioners Protest: बिलासपुर में पेंशनर्स महासंघ की बैठक, 2% महंगाई राहत का एरियर नहीं मिलने पर 17 दिसंबर को आंदोलन

Chhattisgarh Government: छत्तीसगढ़ में 2 प्रतिशत महंगाई राहत का एरियर नहीं मिलने से पेंशनरों में नाराजगी है। बिलासपुर में पेंशनर्स महासंघ की बैठक में लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग उठी।
2 min read
• •
Updated: 20 Sep 2026, 4:49 PM IST
Pensioners Protest
Pensioners Protest: बिलासपुर में पेंशनर्स महासंघ की बैठक(photo-patrika canva create)

Pensioners Protest: छत्तीसगढ़ के पेंशनरों का लंबित एरियर और महंगाई राहत का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सहमति बनने के बावजूद 2 प्रतिशत महंगाई राहत का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इससे पेंशनरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बिलासपुर में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर शासन के प्रति असंतोष जताया गया। संगठन ने लंबित वित्तीय लाभ जल्द जारी करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर 17 दिसंबर को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।

Dearness Relief Arrears: 2% महंगाई राहत का भुगतान अब भी लंबित

पेंशनर्स महासंघ के अनुसार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पुरानी कानूनी और प्रशासनिक पेचीदगियों के समाधान के बाद भी 2 प्रतिशत महंगाई राहत का वित्तीय लाभ पेंशनरों को नहीं मिल पाया है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस भुगतान को लेकर कई बार शासन स्तर पर मांग उठाई जा चुकी है।

मुख्य सचिव से वार्ता के बाद भी नहीं निकला समाधान

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शासन स्तर पर मुख्य सचिव के साथ वार्ता के बावजूद वित्तीय विसंगतियों का ठोस समाधान सामने नहीं आया है। संगठन के मुताबिक, प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी जा रही है, लेकिन इसका लाभ अभी तक पेंशनरों के खातों तक नहीं पहुंचा है।

11 सूत्रीय मांगों को लेकर भी नाराजगी

प्रांतीय अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने बताया कि पेंशनरों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है। उनका कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने वित्तीय अधिकारों के लिए लगातार ज्ञापन और प्रदर्शन करना पड़ रहा है। संगठन ने शासन से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

17 दिसंबर को आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बैठक में संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि शासन स्तर पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 17 दिसंबर को राष्ट्रीय पेंशनर दिवस के अवसर पर आंदोलन को तेज किया जाएगा। पेंशनर्स महासंघ ने लंबित वित्तीय लाभ और अन्य मांगों के निराकरण की मांग की है।

पूर्व राजभाषा आयोग अध्यक्ष भी हुए शामिल

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक भी शामिल हुए। उन्होंने पेंशनरों की मांगों और उनके संघर्ष का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सरकारी सेवा देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अपने अधिकारों के लिए संघर्ष न करना पड़े, इसके लिए लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान जरूरी है।

Updated on:
20 Sep 2026, 4:49 PM IST
Published on: