
परिवार परामर्श केंद्र में रजिस्टर से छेड़छाड़ का मामला (Photo Source- Patrika File Photo)
Counseling Register Fraud: महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलिंग रजिस्टर में कथित तौर पर हेरफेर कर दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता पति ने अपनी पत्नी और परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर पर रजिस्टर में कूटरचना और हेरफेर करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि काउंसलिंग के दौरान जिस कार्रवाई को समाप्त करने की सहमति दर्ज की गई थी, बाद में उसी रिकॉर्ड में बदलाव कर दिया गया।
मामला स्मृति नगर भिलाई निवासी सुधांशु मिश्रा (34) और लिंगियाडीह निवासी उनकी पत्नी रितु मिश्रा (33) से जुड़ा है। शिकायत में परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर आशा सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से पहले आईजी, एसपी और महिला थाना में शिकायत की गई थी। विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर मामला कोर्ट पहुंचा। कोर्ट के आदेश के बाद सिविल लाइन पुलिस ने महिला और काउंसलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता सुधांशु मिश्रा का आरोप है कि काउंसलिंग रजिस्टर में की गई कथित गड़बड़ी के संबंध में उसने दस्तावेजी प्रमाण के साथ पुलिस और विभागीय अधिकारियों से शिकायत की थी। उसने आईजी, एसपी और महिला थाना में आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसे संबंधित स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो उसने कोर्ट में परिवाद पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
परिवाद में सुधांशु मिश्रा ने बताया कि उसकी पत्नी ने महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र में शिकायत की थी। इसके बाद दोनों पक्षों की काउंसलिंग की गई। 12 जून 2023 को अंतिम काउंसलिंग के दौरान काउंसलर आशा सिंह ने दोनों पक्षों की बात सुनी थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उस समय काउंसलिंग रजिस्टर में उसकी पत्नी की ओर से यह दर्ज किया गया था कि आवेदिका इस केस को खारिज करवाना चाहती है। शिकायत के अनुसार, इस कथित प्रविष्टि पर पत्नी के साथ शिकायतकर्ता और काउंसलर के हस्ताक्षर भी लिए गए थे। सुधांशु ने बताया कि बाद में उसने काउंसलिंग की कार्रवाई की प्रमाणित प्रति हासिल की। उसमें दर्ज जानकारी के आधार पर उसे लगा कि परिवार परामर्श केंद्र में चल रही शिकायत का मामला समाप्त हो गया है।
परिवाद के अनुसार, काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के कुछ समय बाद पत्नी ने सरकंडा थाने में पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित अन्य आरोपों को लेकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच की और बाद में पति तथा ससुराल पक्ष के सदस्यों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया। इसी पुलिस कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता को पुराने काउंसलिंग रिकॉर्ड से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जानकारी हुई।
सुधांशु ने अपने परिवाद में आरोप लगाया कि पुराने काउंसलिंग रजिस्टर में पहले जहां यह लिखा गया था कि “आवेदिका इस केस को खारिज करवाना चाहती है”, उसके ऊपर बाद में “आवेदिका कार्यवाही चाहती है” लिख दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसकी जानकारी और अनुपस्थिति में काउंसलिंग रजिस्टर में कथित तौर पर बदलाव किया गया। उसका यह भी आरोप है कि बदले गए रिकॉर्ड का इस्तेमाल आगे की पुलिस कार्रवाई के दौरान किया गया। शिकायतकर्ता ने कोर्ट के समक्ष दस्तावेजों और काउंसलिंग रिकॉर्ड में कथित अंतर को आधार बनाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष काउंसलिंग रजिस्टर में कथित हेरफेर का मुद्दा रखा गया। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायतकर्ता की पत्नी और परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश पुलिस को दिया। कोर्ट के आदेश के बाद सिविल लाइन पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस काउंसलिंग रजिस्टर, उसमें दर्ज प्रविष्टियों, हस्ताक्षरों और संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगी।
पुलिस जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि काउंसलिंग रजिस्टर में कथित तौर पर बदलाव कब और किस परिस्थिति में हुआ। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टि में बदलाव किसने किया और संबंधित दस्तावेज का बाद की पुलिस कार्रवाई में किस तरह इस्तेमाल हुआ। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच के दौरान काउंसलिंग केंद्र के रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं।
Updated on:
20 Sept 2026 04:34 pm
Published on:
20 Sept 2026 04:34 pm
