
Bilaspur Violence Update: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोशल मीडिया पर किए गए विवादित कमेंट को लेकर शुक्रवार रात शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दो पक्षों के बीच मारपीट, नारेबाजी और पथराव के बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है। इसके साथ ही इलाके में भीड़ जुटाने, हथियार लेकर चलने और बिना अनुमति सभा-प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। सार्वजनिक स्थानों पर चार से अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि परिवार के सदस्यों के सामान्य आवागमन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। किसी भी तरह की सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन या हड़ताल के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति इस तरह की गतिविधियां करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने इलाके में हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगाया है। तलवार, चाकू, लाठी, भाला और अन्य हथियारों को सार्वजनिक स्थानों पर लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है। इसके अलावा लाठी के सहारे चलने वाले वृद्ध और दिव्यांग लोगों तथा धार्मिक परंपरा के तहत कृपाण रखने वाले लोगों को भी प्रतिबंध से छूट रहेगी।
धारा 144 के तहत सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने, सड़क जाम करने या किसी तरह की दहशत फैलाने वाली गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ BNS की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को इलाके में लगातार निगरानी रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक पूरा विवाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट पर किए गए कथित विवादित कमेंट को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों के युवक आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी और मारपीट हुई, जिसके बाद विवाद तेजी से बढ़ गया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी शुरू हो गई और फिर ईंट-पत्थर चलने लगे। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस टीम पर भी पथराव किया गया।
हिंसक झड़प के दौरान तारबाहर थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना सामने आई थी। कुछ युवकों को भी चोटें आई हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल इलाके में तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और SSP रजनेश सिंह समेत पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। विधायक सुशांत शुक्ला समेत स्थानीय नागरिक भी कोतवाली थाने पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के साथ बैठक कर युवकों को समझाइश दी गई। प्रशासन की कोशिश है कि विवाद को आगे बढ़ने से रोका जाए और इलाके में शांति व्यवस्था कायम रहे।
रातभर चले विवाद के बाद अब सिटी कोतवाली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस की टीमें संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रही हैं। सोशल मीडिया पर भी विवाद से जुड़े पोस्ट और कमेंट पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि से स्थिति दोबारा न बिगड़े। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती जारी है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।