बिलासपुर

Bird Flu: थाली से गायब चिकन, बर्ड फ्लू से बिलासपुर में 2 करोड़ रोज का कारोबार ठप, नॉनवेज बाजार बंद

Bird Flu: बिलासपुर में बर्ड फ्लू की दस्तक ने न केवल लोगों की थाली से चिकन गायब कर दिया है, बल्कि शहर के करोड़ों के नॉनवेज कारोबार को भी पूरी तरह ठप कर दिया है। कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र में संक्रमण की पुष्टि के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 10 किलोमीटर के दायरे में पोल्ट्री से जुड़े सभी व्यवसायों पर रोक लगा दी है।

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बिलासपुर में 2 करोड़ रोज का चिकन-अंडा कारोबार ठप (फोटो सोर्स- Freepik)

Bird Flu: शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र कोनी में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद बिलासपुर जिले में नॉनवेज कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। प्रशासन द्वारा पोल्ट्री से जुड़े व्यापार पर सख्ती के चलते शहर के बड़े होटलों से लेकर छोटे ठेलों तक सब कुछ बंद नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को न लेगपीस मिल रहा है, न चिकन लॉलीपॉप, और न ही बिरयानी सेंटर खुले हैं।

शहर के प्रमुख नॉनवेज होटल जैसे 786 समेत कई बड़े प्रतिष्ठानों में ताले लटके हुए हैं। वहीं, चौक-चौराहों पर लगने वाले चिकन-फ्राई, कबाब और अंडा-ऑमलेट के ठेले भी पूरी तरह बंद हैं। प्रशासन के आदेश के बाद 10 किलोमीटर के दायरे में पोल्ट्री से जुड़े सभी व्यवसायों पर रोक लगा दी गई है, जिसका सीधा असर शहर के कारोबारियों पर पड़ा है। इधर प्रशासन मुर्गियों, बत्तखों और अन्य पाले जाने वाले पक्षियों पर वैक्सीनेशन करा रही है ताकि संक्रमण फैले न। इधर कानन पेंडारी को भी एहतियात के लिए 7 दिनों के लिए बंद किया जा चुका है।

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पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों की हो रही जांच

बर्ड फ्लू के डर और प्रशासनिक सख्ती के कारण शहर में नॉनवेज बाजार सूना पड़ा है और लोगों को पसंदीदा चिकन व्यंजन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इधर कोनी के कुक्कुट पालन में संक्रमण के बाद 5000 से अधिक मुर्गियों को गड्ढा खोदकर दफनाया गया है, वहीं पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों की जांच भी की जा रही है।

कारोबारियों को हो रहा भारी नुकसान

चिकन-अंडे के कारोबार से जुड़े व्यापारियों के अनुसार, बिलासपुर में मुर्गी और अंडों का रोजाना करीब 2 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होता है। अचानक लगे प्रतिबंध के कारण यह पूरा कारोबार थम गया है। शहर में करीब 300 से अधिक छोटे-बड़े चिकन दुकानों पर रोजाना बड़ी मात्रा में बिक्री होती थी, इसके अलावा 500 से अधिक बिरयानी व नॉनवेज सेंटरों में ग्राहकों की भीड़ रहती थी। लेकिन अब दुकानों के शटर बंद हैं और कारोबारी भारी नुकसान झेल रहे हैं।

कोविड काल जैसे दोहरी मार से व्यापारी परेशान

पोल्ट्री कारोबारियों का कहना है कि स्थिति उनके लिए "दोहरी मार" जैसी हो गई है। एक तरफ बिक्री बंद है, वहीं दूसरी ओर मुर्गियों के रख-रखाव और दाने-पानी का खर्च लगातार बढ़ रहा है। कई दुकानदारों ने इसे कोविड काल जैसी स्थिति बताया है, जहां आय पूरी तरह रुक गई थी। संक्रमण के डर से लोग अब न तो मुर्गी खरीद रहे हैं न ही अंडा लेने के लिए आ रहे हैं।

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Published on:
27 Mar 2026 01:20 pm
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