
कोनी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि (फोटो सोर्स- Freepik)
Bird Flu: बिलासपुर जिले के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर दायरे को इन्फेक्टेड जोन और 1 से 10 किलोमीटर क्षेत्र को सर्विलेंस जोन घोषित किया गया है।
यह प्रतिबंध आगामी 3 माह या अगले आदेश तक लागू रहेगा। भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज की जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि के बाद यह निर्णय लिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन्फेक्टेड जोन से किसी भी प्रकार के पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। वहीं सर्विलेंस जोन में मुर्गा, अंडा सहित सभी पोल्ट्री उत्पादों की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। डोर-टू-डोर डिलीवरी पर भी रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, पशुओं में संक्रामक एवं सांसर्गिक रोग नियंत्रण अधिनियम 2009 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सीमा पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन ने पुलिस, परिवहन और वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि अंतरजिला और अंतरराज्यीय बॉर्डर पर स्थापित चेकपोस्ट के माध्यम से पोल्ट्री पक्षियों और उत्पादों की आवाजाही पूरी तरह रोकी जाए।
विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि यहां 18 मार्च से मुर्गियों के मरने का सिलसिला शुरू हुआ था। प्रारंभिक स्तर में फार्म प्रबंधन ने मामले को स्थानीय स्तर पर ही संभालने की कोशिश की, पास में ही गड्ढे खोदकर मृत मुर्गियों को दफनाना शुरू कर दिया, जिससे संक्रमण बढऩे की आशंका और गहरा गई। स्थिति गंभीर होने पर पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद विभाग कलेक्टर के निर्देश पर जांच कराई गई।
सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही आपात स्थिति के लिए जिला कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। नागरिक संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा विभाग डॉ. जी.एस.एस. तंवर (मो. 8827817931), डॉ. वीरेंद्र पिल्ले (मो. 9406158769) से संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नियमों का पालन करने की अपील की है।
बर्ड फ्लू एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है, बशर्ते लोग समय रहते सतर्क हो जाएं। आमतौर पर यह संक्रमण सीधे संक्रमित पक्षियों के संपर्क से फैलता है, इसलिए पोल्ट्री से जुड़े लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखें और हाल ही में वह पक्षियों के संपर्क में रहा हो, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लोग अफवाहों से दूर रहें और घबराएं नहीं। सही जानकारी, साफ-सफाई और समय पर उपचार से इस बीमारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। सिम्स में ऐसे मामलों के लिए आवश्यक जांच और उपचार की पूरी व्यवस्था उपलब्ध है। - डॉ. लखन सिंह, एमएस, सिम्स
Updated on:
25 Mar 2026 12:58 pm
Published on:
25 Mar 2026 12:58 pm
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