
Chhattisgarh Sex CD Case
Chhattisgarh CD Case: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत से जुड़े कथित फर्जी सेक्स सीडी मामले में एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा ने सत्र न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ आपराधिक अभियोग लगाने का निर्देश दिया गया था। अब इस मामले ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नया मोड़ ले लिया है।
हाईकोर्ट की जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी CBI को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने CBI को अपना जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब जुलाई माह में होगी।
यह पूरा विवाद वर्ष 2017-18 में उस समय सामने आया था जब तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत से जुड़ी कथित अश्लील सीडी को लेकर शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत के आधार पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई थीं और मामले में कई राजनीतिक एवं मीडिया से जुड़े नाम सामने आए थे।
इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया था। जांच बाद में CBI को सौंपी गई थी। एजेंसी ने चालान दाखिल करते हुए मामले में कई लोगों के नाम जोड़े थे। हालांकि इस दौरान कुछ शुरुआती निष्कर्षों और जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठते रहे।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में विनोद वर्मा की ओर से दलील दी गई है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप आधारहीन हैं। उनका कहना है कि जिस सीडी को लेकर विवाद हुआ, वह असली नहीं थी और उसे गलत तरीके से जोड़कर पेश किया गया। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि पत्रकारों के बीच सामग्री का प्रसार अपराध की श्रेणी में नहीं आता।
सत्र न्यायालय ने विनोद वर्मा को आरोपी मानते हुए अभियोग लगाने का आदेश दिया था। वहीं इस मामले में राजनीतिक स्तर पर भी काफी हलचल रही, क्योंकि इसमें बड़े राजनीतिक चेहरों के नाम भी जुड़े थे। उस समय यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में बेहद संवेदनशील माना गया था।
हाईकोर्ट ने CBI को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई जुलाई महीने में तय की है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर फिर से चर्चा में आ सकता है।
Updated on:
16 May 2026 03:25 pm
Published on:
16 May 2026 03:25 pm
