बिलासपुर

CG Crime News: 35 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए एई-जेई, बिजली कंपनी ने किया सस्पेंड, जानें पूरा मामला

Crime News: जांजगीर-चांपा जिले में बिजली विभाग में रिश्वतखोरी के गंभीर मामले पर सख्त कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने सहायक अभियंता (एई), कनिष्ठ अभियंता (जेई) और सहायक ग्रेड-1 को निलंबित कर दिया है।

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विद्युत वितरण कंपनी का रिश्वतखोरी पर कड़ा एक्शन (फोटो सोर्स- iStock)

CG Crime News: विद्युत वितरण कंपनी ने जांजगीर-चांपा जिले में रिश्वतखोरी के एक गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने जांजगीर बिजली विभाग के एक सहायक अभियंता (एई) एक कनिष्ठ अभियंता (जेई) और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन रिश्वतखोरी के आरोपों के चलते किया गया है, जिसमें इन तीनों को संलिप्त मिली थी।

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जानें क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, यह मामला लगभग 15 दिन पहले का है। तब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक ऑपरेशन के दौरान इन एई विजय नोरगे, जेई राजेन्द्र शुक्ला और सहायक ग्रेड-1 को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। एसीबी द्वारा की गई इस गिरफ्तारी के बाद से ही विभाग पर कार्रवाई का दबाव था। विद्युत वितरण कंपनी ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ यह बड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य विभाग में भ्रष्टाचार को रोकना और पारदर्शिता बनाए रखना है।

कंपनी ने कहा- ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी

निलंबित किए गए अधिकारी और कर्मचारी अब विभागीय जांच का सामना करेंगे। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड रायपुर द्वारा की गई। आदेश के अनुसार 20 मार्च से निलंबित किया गया समझा जाए। आगामी आदेश तक निलंबन अवधि ही बने रहेंगे। तीनों का निलंबन अवधि में मुख्यालय अधीक्षण अभियंता जगदलपुर किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि रिश्वतखोरी के ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

35 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ाया

अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा लगातार छेड़े जा रहे व्यापक ट्रैप अभियान के क्रम में 20 मार्च को एसीबी इकाई बिलासपुर द्वारा जांजगीर जिले में सीएसपीडीसीएल जांजगीर के सहायक अभियंता विजय नोर्गे, उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला और सहायक ग्रेड 1 देवेंद्र राठौर को 35 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।

जांजगीर निवासी प्रदीप यादव द्वारा एसीबी इकाई बिलासपुर में इसकी शिकायत की गई थी कि वह ग्राम खोखसा में फ्लाई एश ब्रिक्स का प्लांट डालना चाहता था। जहां ट्रांसफार्मर लगाने के लिए उसने सीएसपीडीसी कार्यालय जांजगीर में आवेदन दिया था लेकिन ट्रांसफॉर्मर और मीटर लगाने के एवज में उप अभियंता शुक्ला द्वारा 10 हजार रुपए और सहायक अभियंता नोर्गे और उनके सहायक सहायक ग्रेड 1 देवेंद्र राठौर द्वारा 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी।

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Updated on:
08 Apr 2026 02:33 pm
Published on:
08 Apr 2026 02:32 pm
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