
बिलासपुर। Bilaspur News: दूसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो जाएगी। कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि इस बार बिलासपुर, बेलतरा, कोटा, बिल्हा, तखतपुर, मस्तूरी, मरवाही, लोरमी, मुंगेली सभी विधानसभाओं के चयनित प्रत्याशी किसी एक ही दिन बाजे-गाजे के साथ नामांकन दाखिल करेंगे। इधर टिकट न मिलने से नाराज पार्टी नेताओं के बागी स्वर भी मुखर होने लगे हैं।
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों की टिकट तय होते ही चुनावी रोमांच बढ़ गया है। अपने-अपने क्षेत्रों में प्रत्याशियों ने प्रचार-प्रसार के मद्देनजर चुनावी बिगुल फूंक दी है। कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि इस बार बिलासपुर, बेलतरा, कोटा, बिल्हा, तखतपुर, मस्तूरी, मरवाही, लोरमी, मुंगेली सभी विधानसभाओं के चयनित प्रत्याशी किसी एक ही दिन बाजेगाजे के साथ नामांकन दाखिल करेंगे। इसे लेकर शनिवार को दोपहर 2 बजे कांग्रेस भवन में आवश्यक बैठक ली जाएगी। इसमें इस मुद्दे व तैयारी पर चर्चा होगी।
इधर बेलतरा को लेकर उहापोह...
बेलतरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने तो अपने प्रत्याशी की घोषण कर दी है, पर भाजपा अब तक कशमकश में है। यहां के लिए अब तक टिकट जारी नहीं की है। इसे लेकर एक ओर जहां भाजपा के संभावित प्रत्याशियों में बेचैनी देखी जा रही है, वहीं कांग्रेस भी इस उधेड़बुन में है कि आखिर वहां से उनके सामने कौन प्रतिद्वंद्वी होगा। इस संबंध में पार्टियों के साथ ही जनता भी अपने लेबल पर कयास पर कयास लगा रही है।
जकांछ: 16 उम्मीदवारों की प्रथम सूची जारी की
विधानसभा चुनाव के लिए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ‘जे’ ने 16 उम्मीदवारों की प्रथम सूची जारी कर दी है। दूसरी लिस्ट जल्द जारी करने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि जकांछ ने इस बार अपनी रणनीति बदलते हुए कांग्रेस व भाजपा के बागियों को प्रत्याशी बनाने का निर्णय लिया है। यही वजह है कि टिकट वितरण में लेटलतीफी हो रही है।
जिनकी टिकट कटी, उनके बागी स्वर होने लगे मुखर
इधर कांग्रेस के जिन संभावित प्रत्याशियों को टिकट नहीं मिला, उनके बागी वाले स्वर मुखर होने लगे हैं। इनमें लोरमी विधानसभा के लिए टिकट न मिलने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष सागर सिंह बैस प्रमुख हैं। मुंगेली जिले के लोरमी विधानसभा क्षेत्र से पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज कांग्रेस जिला अध्यक्ष सागर सिंह बैस तो इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं। इसी मद्देनजर उन्होंने शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ बैठक कर पार्टी से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने की बात कही। बातचीत में उन्होंने जल्द ही कांग्रेस से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने कहा है। उनका कहना है कि पिछले 12 साल से वे कांग्रेस के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वर्ष 2018 में अंतिम स्थिति में उनका प्रत्याशी लिसट से नाम काट दिया गया था। इस बार तो हद ही हो गई है। थानेश्वर साहू क्षेत्र के भी नहीं हैं, फिर भी उन्हें टिकट देकर स्थानीय जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।