
Kareel Seized: बिलासपुर में ट्रेन के जरिए प्रतिबंधित वन उपज के परिवहन का मामला सामने आया है। चिरमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस में दो बोरियों में करीब 50 किलो करील भरकर बिलासपुर लाया जा रहा था। उसलापुर रेलवे स्टेशन पर सूचना मिलने के बाद RPF की टीम ने ट्रेन की तलाशी ली और दोनों बोरियों को जब्त कर लिया। हालांकि, करील को ट्रेन में रखने वाला व्यक्ति RPF के पहुंचने से पहले ही मौके से फरार हो गया।
मामला मंगलवार देर रात करीब 3 बजे का बताया जा रहा है। चिरमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस उसलापुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान RPF को सूचना मिली कि ट्रेन में प्रतिबंधित करील की बोरियां रखी हुई हैं। सूचना मिलते ही उसलापुर RPF पोस्ट की टीम ने ट्रेन की तलाशी शुरू कर दी। तलाशी के दौरान टीम को दो अलग-अलग बोरियां दिखाई दीं। दोनों बोरियों को खोलकर देखा गया तो उनमें करील भरा हुआ था। RPF ने तत्काल दोनों बोरियों को ट्रेन से उतारकर अपने कब्जे में ले लिया।
करील बरामद होने के बाद RPF ने आसपास बैठे यात्रियों से पूछताछ की। टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि बोरियां ट्रेन में कौन लेकर आया था और किस यात्री की हैं। हालांकि, किसी भी यात्री ने इसके बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। ट्रेन का उसलापुर स्टेशन पर ठहराव कम समय के लिए था। ऐसे में RPF के पास पूछताछ और संदिग्ध व्यक्ति की तलाश के लिए ज्यादा समय नहीं था। कार्रवाई के दौरान करील को ट्रेन में रखने वाला व्यक्ति मौके पर नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि बोरियों से आ रही तेज दुर्गंध के कारण ही ट्रेन में करील रखे होने की जानकारी RPF तक पहुंची। दुर्गंध महसूस होने के बाद इसकी सूचना टीम को दी गई, जिसके आधार पर ट्रेन की तलाशी ली गई। RPF ने जब्त करील को आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। बुधवार सुबह वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद वन अमला मौके पर पहुंचा और जब्त वन उपज को अपने कब्जे में लिया।
RPF की कार्रवाई के दौरान करील को परिवहन करने वाला व्यक्ति मौके पर नहीं मिला। आशंका है कि उसे कार्रवाई की भनक लग गई थी और वह ट्रेन से उतरकर या स्टेशन के आसपास से फरार हो गया। फिलहाल करील को ट्रेन में लाने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है। RPF की ओर से मामले की जानकारी संबंधित विभाग को दी गई है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि करील कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
RPF द्वारा जब्त किए गए करीब 50 किलो करील को वन विभाग के सुपुर्द किया गया। विभागीय अमला इसे अपने साथ ले गया और सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की कार्रवाई की। वन विभाग ने जब्त करील को नदी में बहाकर नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के बाद प्रतिबंधित वन उपज को दोबारा बाजार या किसी अन्य स्थान पर पहुंचाए जाने की संभावना को खत्म किया गया।
इस घटना ने ट्रेनों के जरिए वन उपज के परिवहन को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। दूरदराज के वन क्षेत्रों से अलग-अलग वन उपज को ट्रेनों के जरिए दूसरे शहरों तक पहुंचाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आती रही है। उसलापुर में हुई कार्रवाई के बाद अब संबंधित विभाग इस बात की भी जांच कर सकते हैं कि जब्त करील कहां से आया था और इसके पीछे कोई बड़ा परिवहन नेटवर्क तो नहीं है। फिलहाल RPF और वन विभाग की कार्रवाई के बाद करील को नष्ट कर दिया गया है, जबकि इसे ट्रेन में रखने वाले व्यक्ति की तलाश और पहचान का मामला जांच का हिस्सा है।