
सरपंच के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई (photo source- Patrika)
Illegal Teak Wood: बालोद जिले के अंगारी गांव में वन विभाग ने अवैध सागौन लकड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम सरपंच के मकान पर दबिश दी। संयुक्त कार्रवाई के दौरान मकान से लाखों रुपये मूल्य के सागौन के चिरान और गोले बरामद किए गए। जब्त लकड़ी को दो माजदा वाहनों में भरकर वन विभाग के काष्ठागार पहुंचाया गया। मामले में सरपंच के पति अश्विनी डड़सेना के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार जब्त लकड़ी की गणना और उसके स्रोत की जांच जारी है।
बालोद जिला वन विभाग और उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) की संयुक्त टीम ने बालोद वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अंगारी गांव में यह कार्रवाई की। टीम ने सरपंच के मकान की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में सागौन के चिरान और लकड़ी के गोले बरामद किए। लकड़ी को मौके से जब्त कर विभागीय काष्ठागार में सुरक्षित रखा गया है।
वन विभाग के अनुसार जब्त सागौन लकड़ी की मात्रा काफी अधिक है। फिलहाल सभी चिरान और गोलों की गिनती और मूल्यांकन किया जा रहा है। बुधवार तक जब्त लकड़ी की वास्तविक मात्रा और उसकी अनुमानित कीमत स्पष्ट होने की संभावना है।
डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जांच का सबसे अहम पहलू यह है कि बरामद सागौन लकड़ी कहां से लाई गई और उसका चिरान किस आरा मिल में कराया गया। जांच टीम इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। यदि अवैध कटाई या परिवहन के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान अधिकारियों ने मकान में सागौन से बने कुछ फर्नीचर भी देखे हैं। वन विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि इन फर्नीचर में इस्तेमाल लकड़ी भी उसी अवैध खेप का हिस्सा है या नहीं। यदि ऐसा पाया जाता है तो इन पर भी वन अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
पूरे मामले में वन विभाग ने सरपंच के पति अश्विनी डड़सेना को जांच के दायरे में लिया है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद बरामद लकड़ी के स्रोत, परिवहन और चिरान से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जब्त लकड़ी का पंचनामा, मूल्यांकन और दस्तावेजी प्रक्रिया जारी है।
Updated on:
05 Aug 2026 11:29 am
Published on:
05 Aug 2026 11:29 am
