बिलासपुर

Teacher Transfer Case: 45% दिव्यांग शिक्षक को बिलासपुर हाईकोर्ट से राहत, 30 दिन में नई पोस्टिंग

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 45% दिव्यांग शिक्षक टेकश्वर कौशिक को राहत देते हुए नजदीकी स्कूल में पदस्थ करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग को 30 दिन के भीतर नई पोस्टिंग का आदेश जारी करना होगा।
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Teacher Transfer Case
Teacher Transfer Case: 45% दिव्यांग शिक्षक को बिलासपुर हाईकोर्ट से राहत(photo-patrika)

Teacher Transfer Case: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कबीरधाम जिले के 45 प्रतिशत दिव्यांग शिक्षक टेकश्वर कौशिक को राहत दी है। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि शिक्षक को उनकी वर्तमान पदस्थापना के नजदीक किसी स्कूल में पदस्थ किया जाए। इसके लिए शासकीय माध्यमिक शाला गोचिया और शासकीय माध्यमिक शाला बंधौरा में से किसी एक का चयन करने को कहा गया है। कोर्ट ने आदेश की प्रति मिलने के 30 दिन के भीतर इस संबंध में आदेश जारी करने की समय-सीमा तय की है।

Chhattisgarh Teacher Transfer: 42 किलोमीटर दूर किया गया था तबादला

टेकश्वर कौशिक कबीरधाम जिले के लोहारा विकासखंड की शासकीय प्राथमिक शाला सेमरिया में सहायक शिक्षक (एलबी), विज्ञान के पद पर कार्यरत थे। 6 अगस्त 2026 को जारी तबादला आदेश के तहत उन्हें शासकीय माध्यमिक शाला कृतबंधा भेजा गया था, जो उनकी वर्तमान पदस्थापना से करीब 42 किलोमीटर दूर है।

शिक्षक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस तबादले को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि वह 45 प्रतिशत अस्थि दिव्यांग हैं। ऐसे में इतनी दूर स्थित स्कूल में पदस्थापना से उन्हें आने-जाने में परेशानी होगी।

पहले भी समिति के सामने रखी थी मांग

इस मामले में शिक्षक पहले भी हाईकोर्ट पहुंचे थे। उस समय कोर्ट ने उन्हें स्थानांतरण नीति के तहत गठित समिति के सामने अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इसके बाद टेकश्वर कौशिक ने अपनी दिव्यांगता और नई पदस्थापना की दूरी का हवाला देते हुए अभ्यावेदन दिया, लेकिन उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई। इसके बाद शिक्षक ने दोबारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की और राहत की मांग की।

दो नजदीकी स्कूलों में पद खाली

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि शिक्षक की वर्तमान पदस्थापना के नजदीक उनके पद के अनुरूप कोई रिक्त पद उपलब्ध है या नहीं। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी, कबीरधाम से मिली जानकारी में बताया गया कि शासकीय माध्यमिक शाला गोचिया और शासकीय माध्यमिक शाला बंधौरा में पद खाली हैं। नजदीकी स्कूलों में रिक्त पदों की उपलब्धता और शिक्षक की दिव्यांगता को देखते हुए कोर्ट ने उनकी शिकायत के समाधान के निर्देश दिए।

30 दिन के भीतर जारी करना होगा आदेश

न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि सक्षम प्राधिकारी गोचिया या बंधौरा में से किसी एक स्कूल का चयन कर शिक्षक की पदस्थापना सुनिश्चित करें। आदेश की प्रति प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर इस संबंध में आदेश जारी करना होगा।

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह स्थानांतरण नीति या मूल तबादला आदेश की वैधता पर कोई राय नहीं दे रहा है। कोर्ट का निर्देश शिक्षक को नजदीकी स्कूल में पदस्थ करने की मांग पर उचित निर्णय लेने से संबंधित है।

Updated on:
09 Oct 2026 02:15 pm
Published on:
09 Oct 2026 02:09 pm