कलेक्टोरेट परिसर के बूथ में दोपहर 4 बजे तक 481 लोगों ने शुगर व बीपी की जांच कराई।
बिलासपुर . कलेक्टोरेट के मेनगेट एवं पुराना कंपोजिट बिल्डिंग के आदिवासी विकास विभाग के पास शुगर जांच एवं बीपी जांच के लिए अलग-अलग बूथ बनाए गए थे। विश्व मधुमेह दिवस पर राह चलते लोगों की रेंडम शुगर जांच और बीपी जांच सुबह 10.30 बजे से प्रारंभ की गई। इन दोनों स्थानों पर करीब 12 सौ लोग स्वेच्छा से शुगर जांच कराने पहुंचे। आश्चर्यजनक है कि इनमें से लगभग पचास प्रतिशत लोग शुगर पीडि़त पाए गए। कलेक्टोरेट परिसर में सुबह 10.30 बजे से परीक्षण प्रारंभ किया गया। इस बूथ में दोपहर 4 बजे तक लोग शुगर और बीपी की जांच कराते रहे। इस बूथ में नाम दर्ज करने के बाद लोगों के शुगर की रेंडम जांच की गई और बीपी नापा गया। कलेक्टोरेट परिसर के बूथ में दोपहर 4 बजे तक 481 लोगों ने शुगर व बीपी की जांच कराई।
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लगी रही भीड़ : आदिवासी विकास विभाग परिसर में आम लोगों की शुगर जांच की गई। इसमें काफी लोगों ने शुगर और बीपी की जांच कराई। इस बूथ में पांच सौ से अधिक लोग शुगर, बीपी की जांच कराने पहुंचे थे। इसमें भी पचास प्रतिशत से अधिक लोग शुगर से पीडि़त पाए गए। इस बूथ में शाम पांच बजे तक जांच कराने के लिए लोग पहुंचते रहे।
तनाव बना कारण : शुगर के मरीज बढऩे की प्रमुख वजह बदलती लाइफ स्टाइल, खानपान और तनाव है। फास्टफूड, कोल्ड ड्रिंक सहित देर रात तक जागना, शारीरिक श्रम कम होना डायबिटीज की बड़ी वजह है। नियमित एक्सरसाइज, योगा, खानपान सही रखकर इससे बचा जा सकता है।
डॉ. लखन सिंह, मेडीसिन विभाग, सिम्स
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सेहत पर दें ध्यान : पूरी नींद नहीं लेना, तनाव पालना, खानपान का समय सही नहीं होना, रेशेदार पौष्टिक खाना नहीं खाने से लेकर नियमित व्यायाम नहीं करने वालों को यह बीमारी होती है। लोग पैदल भी नहीं चलते हैं। इस रोग से मुक्ति पाने के लिए इन चीजों पर ध्यान देना आवश्यक है।
डॉ. रमणेश मूर्ति, एसएस, सिम्स