
बिलासपुर . कलेक्टर पी. दयानंद के खिलाफ छत्तीसगढ़ यूथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने सोमवार को नेहरू चौक पर धरना दिया। नेहरू चौक से कलेक्टोरेट और मुंगेली नाका चौक तक रैली निकाली गई। फार्मासिस्ट वैभव शास्त्री के खिलाफ झूठे मुकदमे वापस लेने समेत तीन सूत्रीय मांगों को लेकर संभागीय आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यूथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष राहुल वर्मा, प्रांतीय संयोजक प्रशांत तिवारी, उपाध्यक्ष हीराशंकर साहू के नेतृत्व में नेहरू चौक पर पचास से अधिक फार्मासिस्टों ने कलेक्टर पी. दयानंद के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि कलेक्टर ने फार्मासिस्ट वैभव शास्त्री को जबरन फर्जी प्रकरण दर्ज कराकर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जेल भेजा गया। फार्मासिस्टों ने नेहरू चौक से कलेक्टोरेट तक रैली निकालकर कलेक्टोरेट के समक्ष कलेक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संभागीय आयुक्त के नाम सहायक आयुक्त को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में फार्मासिस्टों ने संभागायुक्त से कलेक्टर के खिलाफ राज्य सरकार से कार्रवाई की अनुशंसा करने की मांग की है।
दवा व्यावसायियों को संरक्षण : एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि सहायक औषधि नियंत्रक राजेश क्षत्री, औषधि निरीक्षक पीयूष जायसवाल, सोनम जैन गैरकानूनी कार्य करने वाले दवा विक्रेताओं को संरक्षण देते हैं। उनके खिलाफ शिकायत पर विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। वे शासन के नियमों का पालन नहीं करा रहे। मेडिकल स्टोर्स की जांच दिखावे के लिए की जाती है। अधिकांश दवा दुकानें किराए के फार्मेसी सर्टिफिकेट से संचालित हो रही हैं।
उल्लेखनीय है कि 6 नवंबर को वैभव शास्त्री नाम के फार्मासिस्ट ने जनदर्शन में शिकायत करने पहुंचा था। जिससे नाराज कलेक्टर ने उसे 151 तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस दौरान उसके परिवार वालों को किसी से मिलने की इजाजत भी नहीं दी जा रही थी। पत्रिका द्वारा लगातार खबर को प्रमुखता से छापने पर जिला प्रशासन ने 48 घंटे बाद वैभव शास्त्री को रिहा किया था।
Published on:
14 Nov 2017 06:43 pm
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