साहब के आदेश पर जेल में फार्मासिस्ट से मिलने नहीं दिया, कौन हैं साहब यह सस्पेंस

उसे प्रतिबंधात्मक धारा 151 के तहत सिटी मजिस्टे्रट के न्यायालय में पेश किया गया।

By: Amil Shrivas

Published: 10 Nov 2017, 11:23 AM IST

बिलासपुर . जनदर्शन में आवेदन देने गए फार्मासिस्ट को सेंट्रल जेल भेजने के बाद 'साहब' के आदेश पर जेल में परिजन और मित्रों से मिलने की मनाही थी। लेकिन कौन से साहब ने मिलने से मना किया था,यह नाम बताने में जेल प्रशासन कतरा रहा है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी साहब के आदेश पर ही रिहाई करने की बात कहते रहे पर वे भी साहब का नाम नहीं बता पाए। गिरफ्तारी से लेकर रिहाई तक साहब का रहस्य अब भी बरकरार है। सोमवार को जनदर्शन में आवेदन देने पहुंचे फार्मासिस्ट वैभव शास्त्री को कलेक्टर पी. दयानंद ने जेल भेजने का हुक्म दिया था। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने आनन-फानन में थाने के सामने सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करने का मामला वैभव के खिलाफ बनाया गया। उसे प्रतिबंधात्मक धारा 151 के तहत सिटी मजिस्टे्रट के न्यायालय में पेश किया गया। उसे धारा 151 के तहत सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
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जेल परिसर से बाहर किया : बुधवार को शाम को सेंट्रल जेल परिसर में रिहाई के दौरान फार्मासिस्ट के परिजन व मित्रों का समूह जेल परिसर पहुंचा। उस दौरान भी जेल प्रशासन और पुलिस कर्मियों ने जेल परिसर के बाहर कर दिया था। पुलिस कर्मचारी उनके मित्रों से मिलने से रोकते रहे। वैभव के जेल से रिहा होने के बाद काफी दूर तक पुलिस वाले उनका पीछा करते रहे। शायद यह भी अनजान साहब के आदेश पर किया गया।
जेल प्रशासन ने मिलने नहीं दिया परिजनों से : मंगलवार को उनके परिजन और मित्र फार्मासिस्ट वैभव शास्त्री से मुलाकात करने के लिए सुबह जेल में नाम लिखाने गए थे। तब जेल प्रशासन ने उनके परिजन और दोस्तों से मुलाकात कराने से इनकार कर दिया था। जेल प्रशासन के तैनात कर्मचारियों ने कहा कि 'साहब' ने किसी से फार्मासिस्ट से भेंट करवाने से मना किया है। उनके परिजन और दोस्तों ने उस साहब का नाम जानना चाहा और उनसे भेंट करके अपनी बात कहने के लिए नाम पूछा गया तो जेल प्रशासन के कर्मचारी ने साहब का नाम बताने से इनकार कर दिया।
आज फार्मासिस्ट की पेशी : कलेक्टोरेट सिटी मजिस्टे्रट केएस पैकरा के न्यायालय में फार्मासिस्ट वैभव शास्त्री की शुक्रवार को पेशी है। यह जानकारी उसके अधिवक्ता ने दी।
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सूचना के अधिकारी का दिया आवेदन : द फार्मासिस्ट मीडिया नई दिल्ली के प्रमुख विनय कुमार भारती ने गुरुवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर सूचना के अधिकार के तहत 9 बिंदुओं पर जानकारी देने के लिए आवेदन जमा किया। यह आवेदन कलेक्टर सह जिला सूचना अधिकारी के नाम से दिया गया है।
साहब के आदेश का इंतजार होता रहा रिहाई के लिए : कलेक्टोरेट में फार्मासिस्ट के अधिवक्ता हेमंत दिघ्रस्कर और अन्य अधिवक्ता सुबह से ही उसकी रिहाई के लिए लगे रहे। दोपहर में डिप्टी कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि साहब का आदेश नहीं है। इस अधिकारी ने भी उस साहब का नाम नहीं बताया।
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इन बिंदुओं पर मांगी जानकारी : फार्मासिस्ट वैभव शास्त्री की गिरफ्तारी किस आधार पर की गई? जनदर्शन के दौरान वैभव शास्त्री और कलेक्टर के बीच हुई बातचीत की सीसीटीवी फुटेज की प्रति सीडी में उपलब्ध करवाएं? फार्मासिस्ट की गिरफ्तारी के आदेश किसने दिए और क्या आरोप थे? फार्मासिस्ट वैभव शास्त्री ने अब तक कलेक्टर से किस संदर्भ में कितनी बार मुलाकात की है? फार्मासिस्ट द्वारा कलेक्टर को अब तक दिए गए ज्ञापन, शिकायत की प्रति उपलब्ध करवाई जाए? बिलासपुर में चल रहीं अवैध मेडिकल स्टोर के खिलाफ फार्मासिस्ट द्वारा की गई लिखित शिकायत पर आपके (कलेक्टर) आदेश पर विगत माह छापेमारी हुई थी। तथा 24 दुकानों को औषधि विभाग के अधिकारियों द्वारा सील किया गया। अनियमितता के कारण सील की गई मेडिकल दुकानों पर किन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। फिर क्या कार्रवाई हुई संबंधित दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध करवाएं? छापेमारी कर सील की गई सारी दवा दुकानें किसके आदेश पर पुन: खोली गई? अगर आपने (कलेक्टर) ने आदेश दिया तो आदेश की प्रति उपलब्ध करवाएं? क्या बिलासपुर की सभी मेडिकल दुकानों में फार्मासिस्ट मौजूद है? पूरे शहर में जो मेडिकल दुकानें ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, फार्मेसी एक्ट व फार्मेसी पे्रक्टिस रेगुलेशन का उल्लंघन कर बगैर फार्मासिस्ट की मौजूदगी में चल रहीं है, उस पर अब तक जिला प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है, संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करवाएं?

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