Diwali 2024: बिलासपुर जिले में फेस्टिव सीजन शुरू हो चुका है। पुष्य नक्षत्र के साथ ही बाजारों में खरीदारी शुरू हो गई है। दीपावली इस बार 31 अक्टूबर को है। ऐसे में त्योहार में सबसे ज्यादा मांग मिठाई की होती है।
Diwali 2024: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में फेस्टिव सीजन शुरू हो चुका है। पुष्य नक्षत्र के साथ ही बाजारों में खरीदारी शुरू हो गई है। दीपावली इस बार 31 अक्टूबर को है। ऐसे में त्योहार में सबसे ज्यादा मांग मिठाई की होती है। व्यापारियों की मानें तो इस बार बिलासपुर में मिठाइयों का कारोबार 25 करोड़ रुपए पार कर जाएगा। अधिक खपत होने के चलते मिठाइयों के मिलावटी होने का अंदेशा रहता है।
Diwali 2024: दीपावली त्योहार करीब आ गई है, लेकिन खाद्य औषधि प्रशासन अब तक दुकानों में मिठाइयों का सैंपल जांच के लिए नहीं निकला है। मिलावट को रोकने के बजाए दफ्तरों में ही अफसर आराम फरमा रहे हैं। जबकि रंग-बिरंगी मिठाई बनाने जमकर सिंथेटिक कलरों का उपयोग हो रहा है।
इधर अब तक शहर में कार्रवाई शुरू क्यों नहीं हुई इसकी जानकारी के लिए जिला खाद्य औषधि प्रशासन के अफसर मोहित बेहरा के मोबाइल नंबर 7415505397 पर संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
मिठाई का एक टुकड़ा मसलें। अगर रंग हाथ पर लगता है, तो मिलावट हो सकती है।
मिठाई का टुकड़ा पानी में डालें। यदि रंग घुलता है, तो सिंथेटिक रंग मिलाया गया है।
मिठाई का टुकड़ा चखें। अगर बहुत मीठी या कड़वी लगे, तो यह मिलावट का संकेत है।
खोया से बनी मिठाई को मसलें। अगर वह टाइट या रबर जैसा लगे, तो मिलावट है।
मिठाई का टुकड़ा उंगलियों पर मसलें। अजीब गंध आने पर समझें कि उसमें सिंथेटिक दूध है।
सिंथेटिक रंग से बनी मिठाइयां तीव्र और चमकीली नजर आती है।
सिंथेटिक रंगों वाली मिठाइयां अक्सर तेज गंध उत्पन्न कर सकती हैं।