बिलासपुर

कितने का घोटाला किया? ED ने केके श्रीवास्तव और बेटे से पूछे तीखे सवाल, 15 करोड़ ठगी व 441 करोड़ ट्रांजैक्शन की जांच

KK Srivastava Fraud Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित तांत्रिक कृष्ण कुमार (केके) श्रीवास्तव और उसके बेटे कंचन श्रीवास्तव से 15 करोड़ रुपये की कथित ठगी और 441 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के मामले में पूछताछ की।
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KK Srivastava Fraud Case
केके श्रीवास्तव (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@राकेश टेम्भुरकर। KK Srivastava ED Investigation: ईडी कथित तांत्रिक कृष्ण कुमार श्रीवास्तव और उसके बेटे कंचन से 441 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन के संबंध में पूछताछ कर रही है। साथ ही दोनों का बयान लिया जा रहा है। हालांकि 15 करोड़ की ठगी के मामले में केके श्रीवास्तव को रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान मिली जानकारी के आधार पर उसके बेटे को बुलवाया गया था। उसने पूछताछ के दौरान किसी भी तरह की ठगी करने से इंकार कर दिया।

साथ ही कहा कि काम दिलाने के एवज में दिल्ली के कारोबारी से मिली रकम लौटा चुके हैं। उनके द्वारा दिए गए 3-3 करोड़ के दिए गए चेक के बाउंस की जानकारी देने पर चुप्पी साध ली। उनसे अन्य लोगों से कनेक्शन, निवेश, 15 करोड़ का हिसाब मांगा। बता दें कि बिलासपुर निवासी केके श्रीवास्तव पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी माने जाते है। दोनों ने दिल्ली के रावत एसोसिएट के संचालक अशोक रावत को स्मार्ट सिटी में 500 करोड़ का काम दिलाने के एवज में 15 करोड़ रुपए की ठगी की। काम नहीं दिलाने और थाना में शिकायत दर्ज होते ही फरार हो गए थे।

हवाला से जुड़े कनेक्शन

ईडी को जांच के दौरान शेल कंपनियों में निवेश और करोड़ों के हवाला लेनदेने करने के इनपुट मिले हैं। बैंक खातों में करोड़ों का ट्रांजेक्शन करने की जानकारी मिली है। केके श्रीवास्तव उसके बेटे और परिजनों के साथ ही करीबी लोगों के मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खाते खोले गए। इसे देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं बैंक खातों के जरिए विदेश से धन का लेन-देन किया गया और उनका इस्तेमाल वित्तीय लेन-देन में किया गया। इसे देखते हुए मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

कारोबारी अशोक रावत की शिकायत से शुरू हुई जांच

पूरा मामला दिल्ली के कारोबारी अशोक रावत की शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि स्मार्ट सिटी और एनआरडीए के करीब 500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट दिलाने के नाम पर केके श्रीवास्तव ने उनसे 15 करोड़ रुपए लिए थे। ठेका नहीं मिलने पर रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद शिकायत के आधार पर तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

Updated on:
03 Aug 2026 07:19 am
Published on:
03 Aug 2026 07:18 am
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