Fraud News: फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को पैसे दोगुना करने का लालच देकर करीब 15 लाख रुपए की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस ने 9 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है।
Fraud News: ‘पैसा दोगुना’ करने के नाम पर ठगी करने वाले शातिर आरोपी को आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा। करीब 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर वर्षों से फरार चल रहे कंपनी डायरेक्टर को मध्यप्रदेश के रीवा से गिरफ्तार किया गया है।
बिलासपुर सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज एक पुराने धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ‘रीगल भवन एंड इफ्रास्ट्रक्चर इंडिया लिमिटेड’ नामक कंपनी के डायरेक्टर पंकज कुमार वर्मा को रीवा (मध्यप्रदेश) से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर गांव के भोले-भाले लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर करीब 15 लाख रुपए ठगने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, प्रार्थी फेकुराम चतुर्वेदी ने 18 मार्च 2025 को थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2013 से 2016 के बीच आरोपी पंकज वर्मा ने ग्राम करवा और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को निवेश के नाम पर झांसा दिया। आरोपी द्वारा एकत्र की गई रकम को करबला रोड स्थित कार्यालय में जमा कराया जाता था। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन जैसे ही लाखों रुपए जमा हो गए, आरोपी अचानक ऑफिस बंद कर फरार हो गया।
मामले में थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 159/2025 के तहत धारा 420 और 34 भादवि के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र के ग्राम टिकिया में दबिश दी और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
दुल्हन बनाकर ठगी! मैरिज ब्यूरो के नाम पर लाखों की वसूली, ऐसे फंसाए जाते थे ग्राहक- शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित नेटवर्क का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। "मैरिज ब्यूरो" की आड़ में चल रहे इस गिरोह द्वारा लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर लाखों रुपए ठगे जा रहे थे। फर्जी बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और कॉल सेंटर के माध्यम से संचालित इस रैकेट पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की है… पूरी खबर पढ़े