Jaggi Murder Case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने अमित जोगी की अतिरिक्त समय की मांग खारिज कर दी है।
Jaggi Murder Case: छत्तीसगढ़ के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में अब कानूनी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। आज हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जहां अमित जोगी की ओर से अतिरिक्त समय मांगा गया, लेकिन अदालत ने इस मांग को सख्ती से खारिज कर दिया।
चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने साफ कहा कि अब इस मामले में और देरी नहीं होगी और अगली सुनवाई में अंतिम बहस पूरी की जाएगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे लंबित नहीं रखा जा सकता। इसके साथ ही अगली तारीख तय करते हुए संकेत दिए गए कि जल्द ही इस बहुचर्चित केस में फैसला आ सकता है।
इस बीच, अंतिम सुनवाई से ठीक पहले अमित जोगी को रायपुर की निचली अदालत से जमानत मिलना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी गई है, जिससे मामले में एक नया कानूनी मोड़ आ गया है।
यह मामला 4 जून 2003 का है, जब एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। जांच के दौरान कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से दो लोग सरकारी गवाह बन गए थे।
साल 2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने 28 आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए मृतक के बेटे ने उच्च न्यायालय और बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को फिर से सुनवाई के लिए हाईकोर्ट को सौंप दिया, जहां अब अंतिम चरण की बहस चल रही है।
राम अवतार जग्गी एक कारोबारी पृष्ठभूमि से जुड़े प्रभावशाली नेता थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। जब शुक्ल ने कांग्रेस छोड़कर एनसीपी जॉइन की थी, तब जग्गी को पार्टी में अहम जिम्मेदारी दी गई थी।
करीब दो दशक पुराने इस मामले में अब अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस केस का फैसला न सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए अहम होगा, बल्कि प्रदेश की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब सबकी नजरें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस बहुचर्चित हत्याकांड का पटाक्षेप होने की उम्मीद है।