बिलासपुर

हाईकोर्ट में गूंजी खेल प्रशिक्षकों की आवाज… 2011 के बाद सीधी भर्ती न होने का मुद्दा गरमाया, इन्हें मिला नोटिस

Bilaspur High Court: खेल प्रशिक्षको की भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता शिथिल करने को चुनौती देते हाईकोर्ट में दायर याचिका की गई है। कोर्ट ने खेल सचिव एवं संचालक खेल एवं युवा कल्याण को नोटिस जारी किया है।

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हाईकोर्ट (photo Patrika)
हाईकोर्ट (photo Patrika)

Bilaspur High Court: खेल प्रशिक्षको की भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता शिथिल करने को चुनौती देते हाईकोर्ट में दायर याचिका की गई है। कोर्ट ने खेल सचिव एवं संचालक खेल एवं युवा कल्याण को नोटिस जारी किया है।

छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग में खेल प्रशिक्षकों की भर्ती के लिए प्रकाशित अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा गया है कि अधिसूचना 23 जुलाई और 25 जुलाई को प्रकाशित हुई है। इसमें विभाग के ही कुछ लोगों को लेने के लिए शैक्षणिक योग्यता में कमी की गई है। खेल विभाग में 2011 में खेल प्रशिक्षक पद पर सीधी भर्ती हुई है उसके बाद से 9 दिसंबर 2013, 30 सितंबर 2016, 12 अक्टूबर 2017 में वित्त विभाग से अनुमति मिलने के बाद भी सीधी भर्ती नहीं की गई।

खेल प्रशिक्षण डिप्लोमा या समकक्ष को ही पात्र माना जाए

याचिका में कहा गया कि राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान पटियाला से खेल प्रशिक्षण में डिप्लोमा (एनआईएस) या फिर उसके समकक्ष संस्थान से खेल प्रशिक्षण में डिप्लोमा एक तकनीकी कोर्स है जो की सिर्फ एक खेल विधा के लिए किया जाता है।

जिस प्रकार हॉस्पिटल में डॉक्टर के पद पर नियुक्ति सिर्फ एमबीबीएस या फिर एमबीबीएस के बाद एमडी करने वाले व्यक्ति को ही दी जाती है उसके स्थान पर नर्सिंग करने वाले व्यक्ति को डॉक्टर के स्थान पर नहीं लिया जा सकता है, उसी प्रकार खेल प्रशिक्षक के पद पर सिर्फ राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान पटियाला से खेल प्रशिक्षण में डिप्लोमा (एनआईएस) या फिर उसके समकक्ष संस्थान से खेल प्रशिक्षण में डिप्लोमा करने वाले व्यक्तियों की नियुक्ति की जा सकती है। इनके स्थान पर बीपीएड एवं एमपीएड करने वाले लोगो को नियुक्त नहीं किया जा सकता।

Published on:
24 Sept 2025 04:09 pm