
Bilaspur Anicut Accident: बारिश के मौसम में उफनते एनीकट और पुल-पुलियों को पार करना लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। इसके बावजूद लोग जोखिम उठाकर तेज बहाव के बीच आवागमन कर रहे हैं। गुरुवार को सकरी थाना क्षेत्र के घोंघा नाला स्थित विंध्येसर एनीकट में ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा हो गया। बहती चप्पल को पकड़ने की कोशिश में 38 वर्षीय राजमिस्त्री तेज बहाव की चपेट में आ गया और गहरे पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही सकरी पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद गोताखोरों ने युवक का शव पानी से बाहर निकाला।
सकरी थाना प्रभारी उमेश साहू ने बताया कि मृतक की पहचान मुकेश उर्फ हेतराम साहू (38) पिता शिव साहू के रूप में हुई है। वह पेशे से राजमिस्त्री था और गुरुवार शाम करीब चार बजे किसी काम से घोंघा नदी पर बने विंध्येसर एनीकट को पार कर रहा था। इसी दौरान उसके पैर से चप्पल निकलकर तेज बहाव में बह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मुकेश ने चप्पल को वापस लाने के लिए पानी की ओर कदम बढ़ाया, लेकिन तेज धारा का सही अंदाजा नहीं लगा सका। देखते ही देखते उसका संतुलन बिगड़ गया और वह एनीकट के गहरे हिस्से में गिर गया। कुछ ही सेकंड में वह तेज बहाव में लापता हो गया।
घटना को अपनी आंखों के सामने होता देख आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और युवक को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कोई भी उसके पास तक नहीं पहुंच सका। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ की गोताखोर टीम को बुलाया गया।
एसडीआरएफ की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू की। तेज बहाव और एनीकट के गहरे पानी के कारण रेस्क्यू अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। गोताखोरों ने कई बार पानी में उतरकर तलाश की। करीब दो घंटे की लगातार मशक्कत के बाद शाम लगभग छह बजे युवक का शव बरामद किया गया। शव को बाहर निकालते ही परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बारिश के दौरान जिले के कई एनीकट और पुल-पुलियों पर पानी का बहाव बढ़ जाता है। इसके बावजूद लोग जल्दबाजी या लापरवाही में इन्हें पार करने का प्रयास करते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन और पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि उफनते एनीकट, पुल और नालों को पार करने का जोखिम न उठाएं। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।