बिलासपुर

बिलासपुर निगम में राजस्व वसूली पर सख्ती, 309 करोड़ बिजली बिल बकाया के बाद कमिश्नर ने दिए निर्देश

Bilaspur Revenue Recovery: बिलासपुर में 309 करोड़ रुपए के बिजली बिल बकाया के बाद नगर निगम ने राजस्व वसूली तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रॉपर्टी टैक्स, जलकर और बाजारों से आय बढ़ाने पर जोर है।
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Bilaspur Electricity Bill
बिलासपुर निगम में राजस्व वसूली पर सख्ती (photo source- Patrika)

Bilaspur Electricity Bill: बिलासपुर नगर निगम पर बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच अब राजस्व वसूली को लेकर सख्ती शुरू कर दी गई है। शहर के 40 स्थानों की स्ट्रीट लाइट 309 करोड़ रुपए के बकाया बिजली बिल के भुगतान नहीं होने के कारण काटे जाने के बाद निगम ने आय बढ़ाने और बकाया राशि की वसूली को प्राथमिकता दी है। इसी सिलसिले में निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने सोमवार को अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व वसूली की स्थिति की समीक्षा की।

नगरीय प्रशासन सचिव सोनमणि बोरा की ओर से निगमों की आय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद बिलासपुर निगम में भी राजस्व के प्रमुख स्रोतों की समीक्षा की जा रही है। कमिश्नर ने अधिकारियों को वसूली में तेजी लाने के साथ-साथ निगम के सभी रिकॉर्ड को ऑनलाइन और अपडेट रखने के निर्देश दिए।

Municipal Corporation: निगम का हर महीने करीब 5.50 करोड़ रुपए खर्च

बैठक में निगम के स्थापना खर्च को लेकर भी जानकारी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार बिलासपुर नगर निगम का स्थापना खर्च करीब 5.50 करोड़ रुपए प्रतिमाह है। वहीं प्रॉपर्टी टैक्स और जलकर की सालाना डिमांड करीब 132 करोड़ रुपए है। लेखाधिकारी नरेश देवांगन ने बताया कि पिछले महीने तक प्रॉपर्टी टैक्स और जलकर से करीब 30 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है। कमिश्नर ने राजस्व वसूली को और बेहतर करने के लिए लंबित राशि की निगरानी और बकायादारों से प्राथमिकता के आधार पर वसूली करने के निर्देश दिए।

आबादी दोगुनी हुई, लेकिन टैक्स का आधार पुराना

बैठक में निगम की आय से जुड़े पुराने आंकड़ों और व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के समय बिलासपुर शहर की आबादी करीब 5 लाख थी, जो अब बढ़कर लगभग 10 लाख हो चुकी है। इसके बावजूद कई मामलों में राजस्व व्यवस्था अभी भी पुराने आंकड़ों और आधार पर चल रही है। निगम की आय कम होने की एक वजह जनसंख्या के पुराने आंकड़ों के आधार पर मिलने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति और वार्षिक संधारण राशि को भी बताया गया। बढ़ती आबादी के अनुपात में निगम की जिम्मेदारियां और खर्च बढ़े हैं, ऐसे में आय के स्रोत मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

पुराने बाजारों की दुकानों से भी कम राजस्व

बैठक में शहर के पुराने बाजारों की दुकानों के किराए का मुद्दा भी सामने आया। गोलबाजार और शनिचरी बाजार की कई दुकानों का किराया लंबे समय से पुरानी दरों के आधार पर चल रहा है। इससे निगम को अपेक्षित राजस्व नहीं मिल पा रहा है। कमिश्नर ने राजस्व से जुड़े सभी स्रोतों की समीक्षा करने और जहां आवश्यक हो, वहां नियमों के अनुसार वसूली बढ़ाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा।

हर संपत्ति का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन

नगर निगम अब शहर की प्रत्येक संपत्ति का रिकॉर्ड व्यवस्थित और ऑनलाइन करने की दिशा में काम तेज करेगा। कमिश्नर ने जलकर को प्रॉपर्टी टैक्स से लिंक करने और ऑफलाइन उपलब्ध डेटा को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था से शहर में मौजूद संपत्तियों का रिकॉर्ड अपडेट रखने में मदद मिलेगी। साथ ही किस संपत्ति से कितना टैक्स और जलकर लिया जाना है, इसकी निगरानी भी आसान होगी। कमिश्नर ने लंबित डेटा एंट्री और रिकॉर्ड अपडेट का काम तय समय सीमा में पूरा करने को कहा है।

बाजार और होर्डिंग से वसूली बढ़ाने पर जोर

बैठक में बाजार शाखा और होर्डिंग शाखा की राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने दोनों शाखाओं को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बकायादारों से प्राथमिकता के आधार पर राशि वसूलने और राजस्व से जुड़े रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने पर भी जोर दिया गया। निगम का लक्ष्य अपने मौजूदा राजस्व स्रोतों से आय बढ़ाने के साथ बकाया राशि की वसूली में तेजी लाना है।

शिकायतों के निराकरण में लापरवाही नहीं

बैठक सिर्फ राजस्व वसूली तक सीमित नहीं रही। कमिश्नर ने सीएम हेल्पलाइन, टीएल, पीएमओ, पीजीएन, ऑनलाइन शिकायतों, लोक सेवा गारंटी और निदान 1100 से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जाए। शिकायतों के निपटारे में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों की लगातार निगरानी करने के लिए भी कहा गया।

अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई

शहर में अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग को लेकर भी निगम ने सख्ती के संकेत दिए हैं। कमिश्नर ने फुटपाथ और सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखने को कहा। ऐसे अतिक्रमण, जिनसे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है, उन पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही भवन निर्माण अनुमति और अवैध प्लाटिंग से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया।

Electricity bill dues: पेयजल व्यवस्था और निर्माण कार्यों की समीक्षा

बैठक में शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। कमिश्नर ने पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और पानी से संबंधित नागरिकों की शिकायतों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा नगर निगम के अलग-अलग निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और सभी काम निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

कुल मिलाकर 309 करोड़ रुपए के बिजली बिल के बकाए के बीच निगम ने अपनी आय बढ़ाने के लिए राजस्व के सभी प्रमुख स्रोतों पर फोकस बढ़ा दिया है। अब प्रॉपर्टी टैक्स, जलकर, बाजार, होर्डिंग और अन्य मदों से होने वाली वसूली की नियमित निगरानी की जाएगी। साथ ही रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने और बकायादारों से राशि वसूलने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा।

Updated on:
25 Aug 2026 01:37 pm
Published on:
25 Aug 2026 01:36 pm