
Ration Card Update: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में फेसबुक के जरिए हुई दोस्ती के बाद युवक से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला ने खुद को राजनीतिक दल से जुड़ा बताकर युवक को राष्ट्रीय पार्टी में पद दिलाने का झांसा दिया और अलग-अलग किश्तों में करीब 82 लाख 63 हजार रुपये ले लिए। पद नहीं मिलने और रकम वापस मांगने पर महिला पर टालमटोल करने और धमकी देने का आरोप है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, युवक की करीब एक साल पहले फेसबुक के माध्यम से महिला से पहचान हुई थी। बातचीत के दौरान महिला ने खुद को राष्ट्रीय पार्टी का कार्यकर्ता बताया। उसने बड़े नेताओं से संपर्क होने और राजनीतिक स्तर पर काम कराने का दावा किया। युवक का आरोप है कि शुरुआत में महिला ने जमीन से जुड़े एक विवादित मामले में उसकी मदद की। इससे दोनों के बीच भरोसा बढ़ गया और इसके बाद युवक महिला की बातों पर विश्वास करने लगा।
आरोप के मुताबिक, महिला ने युवक को राजनीति में रुचि और उसकी शैक्षणिक योग्यता का हवाला देते हुए पार्टी में शामिल होने की सलाह दी। इसके बाद राष्ट्रीय पार्टी में बड़ा पद दिलाने की बात कही गई। पद दिलाने और पार्टी से जुड़े खर्चों के नाम पर युवक से अलग-अलग समय पर रकम जमा कराने को कहा गया। शुरुआत में बैंक खाते के जरिए पैसे लिए गए और बाद में अलग-अलग खातों में भी रकम जमा कराई गई।
ऑनलाइन और नकद मिलाकर 82.63 लाख देने का आरोप शिकायतकर्ता के मुताबिक, 11 जुलाई 2025 से 17 अगस्त 2026 के बीच उसने ऑनलाइन माध्यम से करीब 62 लाख 63 हजार 194 रुपये दिए। इसके अलावा अलग-अलग समय पर करीब 20 लाख रुपये नकद देने का भी आरोप है। इस तरह कुल रकम करीब 82 लाख 63 हजार 194 रुपये बताई गई है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि कुछ रकम दोस्तों के बैंक खातों और च्वाइस सेंटर के माध्यम से भी जमा कराई गई।
शिकायत के अनुसार, रकम देने के बाद जब युवक ने पार्टी में पद दिलाने के संबंध में जानकारी मांगी तो उसे कथित तौर पर अलग-अलग जवाब दिए जाने लगे। बाद में महिला ने बातचीत बंद कर दी। युवक का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर उसे धमकी भी दी गई। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की और पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान बैंक खातों में हुए लेन-देन, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, दस्तावेजों और सोशल मीडिया से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में रकम किस-किस खाते में पहुंची और पूरे मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं।