
Snakebite Compensation Scam: बिलासपुर में सामने आए कथित सर्पदंश मुआवजा घोटाले के मामले में आरोपी महिला डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी को हाई कोर्ट से राहत मिली है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने डॉक्टर को स्थायी जमानत दे दी। पुलिस ने डॉ. प्रियंका सोनी पर तीन मामलों में कथित तौर पर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने का आरोप लगाया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार करते हैं। किसी विशेषज्ञ की रिपोर्ट को गलत या फर्जी बताने के लिए विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जरूरी है। अधिवक्ता ने दलील दी कि ऐसी किसी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के बिना ही डॉक्टर को मामले में आरोपी बना दिया गया।
बचाव पक्ष ने अदालत के सामने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करना विशेषज्ञ चिकित्सक की प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि रिपोर्ट पर सवाल उठता है तो उसकी तकनीकी जांच विशेषज्ञों की समिति के जरिए होनी चाहिए। इन्हीं दलीलों के आधार पर अदालत ने डॉ. प्रियंका सोनी को जमानत प्रदान की।
पुलिस की जांच के मुताबिक, बिलासपुर में सर्पदंश से मौत के नाम पर सरकारी मुआवजा हासिल करने के लिए कथित तौर पर एक संगठित गिरोह काम कर रहा था। आरोप है कि कुछ मामलों में सामान्य बीमारी या अन्य कारणों से हुई मौत को सांप के काटने से हुई मौत बताकर मुआवजा प्रकरण तैयार किए गए।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचनामा, पटवारी रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज सामने आने की जानकारी मिली है। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा प्रकरणों को आगे बढ़ाया गया और सरकारी राशि स्वीकृत कराई गई। पुलिस ने ऐसे करीब 15 मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। मामले में अधिवक्ता, राजस्व विभाग के कर्मचारी, बैंक कर्मचारी और अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। कुछ होमगार्ड जवानों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच आगे बढ़ने के साथ तहसील और एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद राजस्व कर्मचारियों के संगठन ने कार्रवाई का विरोध करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले की गंभीरता और जांच के बढ़ते दायरे को देखते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा यानी EOW से जांच कराने की सिफारिश भी की गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले में दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है। डॉ. प्रियंका सोनी को जमानत मिलने के बाद अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। किसी भी आरोपी की अंतिम जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।