
Chhattisgarh High Court छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक मामले में भू-स्वामी को बड़ी राहत देते हुए तहसीलदार द्वारा जारी बेदखली नोटिस के क्रियान्वयन पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्टे के बाद भी तहसीलदार द्वारा नोटिस जारी करने पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम को निर्देशित किया कि तहसीलदार के अंतिम आदेश के खिलाफ लंबित अपील और स्थगन आवेदन पर जल्द से जल्द कानून अनुसार फैसला करें।
याचिकाकर्ता कृष्ण कुमार गुप्ता ने वर्ष 2006 में रामानुजगंज में एक नजूल भूखंड खरीदा था, जिसका राजस्व नक्शा सुधार का मामला एसडीएम कोर्ट में लंबित है। इसी दौरान तहसीलदार रामानुजगंज ने याचिकाकर्ता के खिलाफ भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत अतिक्रमण का मामला दर्ज कर बेदखली के लिए नोटिस जारी कर दिया।
याचिकाकर्ता ने तहसीलदार पर हाईकोर्ट के आदेश की सीधेतौर पर अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थगन आदेश जारी होने के बाद भी तहसीलदार ने बैक डेट 12 मई 2026 से अंतिम आदेश पारित कर दिया और 15 मई 2026 को ही बेदखली का नया नोटिस भी जारी कर दिया। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, याचिकाकर्ता ने 14 मई को तहसीलदार के समक्ष एक आवेदन दिया था जिसे रिकॉर्ड पर लिया गया था। यदि आदेश 12 मई को ही पारित हो चुका था, तो 14 मई का आवेदन रिकॉर्ड पर क्यों और कैसे लिया गया?