बिलासपुर

Trade License Rules: बिलासपुर में बिना लाइसेंस नहीं चलेगा कोई कारोबार, 30 हजार दुकानों का होगा सर्वे, नहीं मानने पर कार्रवाई तय

Trade License: बिलासपुर नगर निगम ने ठेला-गुमटी से बड़े व्यापार तक सभी के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य किया। बिना लाइसेंस कारोबारियों पर कार्रवाई और सर्वे अभियान शुरू।

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ठेला-गुमटी से मॉल तक सबको लाइसेंस जरूरी (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Trade License Rules: बिलासपुर में अब बिना ट्रेड लाइसेंस के कोई भी व्यापार नहीं चल सकेगा। नगर निगम ने ठेला-गुमटी से लेकर बड़े होटल, रेस्टोरेंट और मॉल तक सभी व्यवसायों के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य करने का फैसला लिया है। लाइसेंस नहीं बनवाने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक कई व्यापारी सिर्फ गुमाश्ता लाइसेंस के सहारे अपना काम चला रहे थे, लेकिन नई व्यवस्था में ऐसा संभव नहीं होगा।

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ट्रैफिक जाम से राहत

नगर निगम का मानना है कि ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य होने से अतिक्रमण की समस्या पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। बिना अनुमति ठेले-गुमटी लगाने वालों पर कार्रवाई आसान होगी, जिससे बाजारों और चौक-चौराहों पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

गुमाश्ता व ट्रेड लाइसेंस में अंतर

  • निगम के अनुसार गुमाश्ता लाइसेंस और ट्रेड लाइसेंस दोनों अलग-अलग हैं।
  • गुमाश्ता लाइसेंस: श्रम विभाग द्वारा मुख्यत: दुकान या व्यवसाय पंजीयन के लिए जारी।
  • ट्रेड लाइसेंस: नगर निगम द्वारा जारी, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्थानीय नियमों के पालन के लिए अनिवार्य। रेस्टोरेंट, होटल सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े हैं, उसे ट्रेड लाइसेंस लेना जरूरी होगा।

दुकानों का कराया जाएगा सर्वे

नगर निगम सीमा में करीब 30 हजार दुकानें संचालित हो रही हैं, लेकिन इनमें से केवल लगभग 30 प्रतिशत व्यापारियों के पास ही वैध ट्रेड लाइसेंस है। बड़ी संख्या में व्यापारी बिना लाइसेंस के ही कारोबार कर रहे हैं, जिससे निगम को टैक्स के रूप में भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए निगम ने सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया है। निगम की टीमें अब सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों का सर्वे करेंगी। जिनके पास लाइसेंस नहीं होगा, उन्हें तत्काल नया ट्रेड लाइसेंस बनवाना अनिवार्य होगा।

सडक़ की चौड़ाई के आधार पर तय होगी फीस

राज्य सरकार के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ट्रेड लाइसेंस फीस को लेकर स्पष्ट नियम बनाए हैं। सडक़ की चौड़ाई (7.5 मीटर से कम और 15 मीटर से अधिक) के आधार पर शुल्क तय होगा। प्रति वर्गफीट के हिसाब से सालाना फीस ली जाएगी। यह लाइसेंस 10 वर्षों के लिए मान्य रहेगा। इसका उद्देश्य निगम का कर संग्रह बढ़ाना है।

ठेले-गुमटी भी आएंगे नियम के दायरे में

नई व्यवस्था के तहत अब अस्थायी दुकानें, ठेले और गुमटी संचालक भी बिना ट्रेड लाइसेंस के कारोबार नहीं कर सकेंगे। पहले इन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं था, लेकिन अब इन्हें भी लाइसेंस प्रणाली में शामिल किया जा रहा है। इससे न केवल व्यापारिक गतिविधियों को नियमित किया जा सकेगा, बल्कि अव्यवस्थित बाजार व्यवस्था पर भी नियंत्रण होगा।

निगम द्वारा लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। व्यापारी ट्रेड लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें लाइसेंस जारी किया जा रहा है। पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन कर लाइसेंस प्राप्त कर लिया है, जबकि अन्य व्यापारी भी तेजी से आवेदन कर रहे हैं। इसके साथ ही निगम द्वारा सभी व्यवसाय संचालकों को इस नई व्यवस्था के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। ट्रेड लाइसेंस अब अनिवार्य है और बिना लाइसेंस व्यापार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। - खजांची कुम्हार, उपायुक्त, नगर निगम

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Published on:
04 Apr 2026 02:04 pm
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