
Madhoo Shah Seeks Blessings at Lalbaugcha Raja: देशभर में गणेशोत्सव का त्योहार बड़े धूमधाम और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित और भव्य 'लालबागचा राजा' पंडाल में श्री गणेश के दर्शन के लिए बॉलीवुड हस्तियां पहुंच रही हैं। सोमवार को 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री मधु शाह (Madhoo Shah) भी बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचीं थीं। हालांकि, उनके दर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एक नए विवाद और चर्चा का कारण बन गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वो व्यक्ति कौन है जिसने थाली में से पैसे उठाए।
साल 1992 में मणिरत्नम की आईकॉनिक तमिल फिल्म 'रोजा' में मुख्य भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली 57 साल की अभिनेत्री मधु शाह ने लालबागचा राजा पंडाल में बड़े ही श्रद्धा भाव से गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की।
अब सोशल मीडिया पर एक क्लिप वायरल हो रही है। जिसमें देखा जा सकता है कि दर्शन के दौरान मधु ने दान के तौर पर कुछ पैसे चढाए थे, लेकिन जैसे ही मधु फैंस और मीडिया की तरफ हाथ हिलाकर मुस्कुराने के लिए मुड़ीं, तभी उनके पीछे खड़े एक व्यक्ति ने बहुत ही फुर्ती से उन पैसों को उठाया और कथित तौर पर कपड़े के नीचे छिपा दिया।
यह पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गया और इंटरनेट पर तेजी से फैल गया। वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं कि आखिर चढ़ावे के पैसे को इतनी जल्दबाजी में क्यों हटाया गया और उसे नजरों से क्यों छिपाया गया? हालांकि, इस वायरल वीडियो से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह व्यक्ति लालबागचा राजा मंडल की दान समिति से जुड़ा हुआ था या नहीं।
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, "पीछे पंडित ने पैसे चुराए।" दूसरे ने लिखा, "सब बिजनेस है ढोंग है बस मीडिया के लिए।" एक अन्य ने लिखा, "यहां तो खुलेआम चंदा चोरी हो रहा है।" एक और ने लिखा, "उस पुजारी को चोरी करने के लिए जेल भेजा जाना चाहिए।"
मधु शाह के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें आखिरी बार बहुचर्चित फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' (Governor: The Silent Savior) में देखा गया था। इस फिल्म में मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में थे, जबकि अदा शर्मा और नौशाद मोहम्मद कुंजू भी अहम किरदारों में नजर आए थे। यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
साल 1991 में अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाली मधु ने तमिल, तेलुगु, हिंदी और मलयालम सिनेमा में कई यादगार फिल्में दी हैं। उन्होंने वर्षा वासुदेव द्वारा निर्देशित मलयालम फिल्म 'चिन्ना चिन्ना आसाई' से अपना फीचर डेब्यू किया था, जिसके बाद 'रोजा' और 'फूल और कांटे' जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टारडम की ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया।