
Amin Hajee On British Lagaan co-actor Love Story: साल 2001 की ऐतिहासिक फिल्म 'लगान' में अपने शांत और असरदार किरदार 'बाघा' से घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता अमीन हाजी अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने रिश्ते और अपनी बेटियों के धर्म को लेकर बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे लगान के सेट पर ही उनकी ब्रिटिश स्टार शार्लोट व्हिटबी-कोल संग लव स्टोरी शुरू हुई थी। जिसे लेकर उन्हें कई चेतावनी भी मिली थीं।
अमीन हाजी ने सिद्धार्थ कन्नन संग खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह अपनी दोनों बेटियों को धर्म के चक्करों से दूर रखते हैं। वहीं अपनी लव स्टोरी को लेकर बताया कि जब शार्लोट पहली बार 'लगान' के भुज सेट पर आई थीं, तब वह पहले से ही एक रोमांटिक रिश्ते में थीं और प्यार की तलाश में नहीं थीं।
अमीन ने कहा, "मैं स्वभाव से थोड़ा शर्मीला हूं, लेकिन मुझे शार्लोट बहुत प्यारी लगीं। वह मेरे आसपास घूमती रहती थी हम धीरे-धीरे बातें करने लगे और आखिरकार बात आगे बढ़ी।" शार्लोट ने भारत से वापस इंग्लैंड जाकर अपना पिछला रिश्ता खत्म कर लिया और अपने सभी रिश्तेदारों को बता दिया कि उन्हें एक भारतीय लड़का मिल गया है।
रिश्ते के सबसे मजबूत मोड़ को याद करते हुए अमीन ने बताया कि उस दौर में वह भारी आत्मसंदेह यानी सेल्फ डाउट और नाकामी के दौर से गुजर रहे थे। तब शार्लोट ने उन्हें आईना दिखाया और कहा, "तुम एक रॉकस्टार हो, यह कभी मत भूलना। तुम खुद को बहुत कम आंकते हो।"
अमीन ने आगे खुलासा किया कि उनके इस अंतर-सांस्कृतिक रिश्ते को लेकर बॉलीवुड के उनके कुछ दोस्तों को काफी चिंता होने लगी थी। जिसमें रोनित रॉय और जावेद जाफरी जैसे स्टार्स उनके दोस्त थे। जो उन्हें समझाते भी थे।
अमीन ने मुस्कुराते हुए याद किया, "दोस्तों ने मुझसे कहा था, 'अमीन, तुम्हें 2000 में एक गोरी लड़की से प्यार हो गया है। तुम उसे भारत में कैसे रखोगे? क्या तुम्हें पता है कि यहां विदेशी बिसलेरी का पानी पीते हैं और उसकी एक बोतल कितने की आती है?' कुछ ने तो यहां तक कह दिया था कि पक्षी और मछली कभी एक साथ दोस्त नहीं रह सकते।"
लेकिन शार्लोट ने इंग्लैंड में अपने अमीर पिता का लग्जरी घर छोड़कर बांद्रा में अमीन के छोटे से कमरे को अपना घर बनाया और खुद को पूरी तरह देसी लुक में ढाल लिया।
अपने बच्चों के पालन-पोषण पर बात करते हुए अमीन हाजी ने एक क्रांतिकारी फैसला शेयर किया। उन्होंने और शार्लोट ने मिलकर अपनी दोनों बेटियों को किसी भी औपचारिक धर्म, संस्कृति या परंपरा के बिना पालने का फैसला किया है।
अमीन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हमारे बच्चे इंसान हैं। वह न तो हिंदू हैं और न ही मुसलमान, न ही वह भविष्य में ऐसा कुछ बनेंगे। वह इंसान की संतान हैं और इंसान ही रहेंगे। हमने जानबूझकर धर्म और परंपरा की उन परतों को हटा दिया है जो इंसानों को आपस में बांटती हैं। हम दोनों ने उन संकीर्ण चीजों से नाता तोड़ लिया है।"