Anurag Kashyap controversial tweet on Brahmins: फिल्म मेकर अनुराग कश्यप एक बार फिर बड़े विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। उन्होंने ब्राह्मण समुदाय को लेकर एक विवादित पोस्ट किया था जो इस मुसीबत का कारण बन गया है। ऐसे में कोर्ट के समन की अनदेखी करने पर सूरत जिला अदालत ने पुलिस को उनके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।
Anurag Kashyap controversial tweet Brahmin: अपनी लीक से हटकर और बेबाक फिल्में बनाने के लिए मशहूर बॉलीवुड डायरेक्टर अनुराग कश्यप एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके खिलाफ सूरत कोर्ट ने कड़ा आदेश दिया है। जिसने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है। अनुराग अपने बयानों को लेकर अक्सर दिक्कतों में पड़ जाते हैं, लेकिन इस बार उनके साथ वो हुआ जो उन्होंने भी खुद नहीं सोचा होगा। फिल्ममेकर अपने एक पुराने सोशल मीडिया कमेंट की वजह से कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। उन्होंने ब्राह्मण समुदाय को लेकर पिछले साल एक कथित विवादित ट्वीट किया था जो अब मुसीबत बन चुका है।
गुजरात की सूरत जिला अदालत ने इस मामले पर बेहद सख्त रवैया अपनाते हुए स्थानीय पुलिस को निर्देश दिया है कि अनुराग कश्यप के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद फिल्म मेकर की मुश्किलें काफी बढ़ती नजर आ रही हैं।
अनुराग कश्यन पर जो कोर्ट का आदेश आया है इस पूरे विवाद की शुरुआत पिछले साल सोशल मीडिया पर हुए एक डिजिटल झगड़े से हुई थी। वकील कमलेश रावल ने फिल्ममेकर के खिलाफ अदालत में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के मुताबिक, पिछले साल 19 मार्च को अनुराग कश्यप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक विवादित पोस्ट शेयर किया था।
मामला तब और बिगड़ गया जब 'आदित्य दत्ता' नाम के एक एक्स (ट्विटर) यूजर ने अनुराग को वह पोस्ट डिलीट करने की सलाह दी। लेकिन अनुराग कश्यप ने बात मानने या पोस्ट हटाने के बजाय और ज्यादा आक्रामक रुख अपना लिया। उन्होंने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए दोबारा पोस्ट किया और लिखा- ‘ब्राह्मण ने मेरा क्या उखाड़ लिया।’ अनुराग की यही लाइन ब्राह्मण समाज के एक बड़े वर्ग को नागवार गुजरी, जिसके बाद यह बहस कानूनी लड़ाई में बदल गई।
अनुराग कश्यप के लिए मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब उन्होंने अदालत की कार्यवाही को बेहद हल्के में ले लिया। सूरत कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान उन्हें समन जारी कर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। लेकिन अनुराग तय तारीख पर अदालत के सामने हाजिर नहीं हुए।
अनुराह कश्यप की इसी लापरवाही और कोर्ट की अनदेखी पर जज साहब का पारा चढ़ गया। कोर्ट ने इस बार कोई ढिलाई न बरतते हुए सीधे पुलिस को केस दर्ज करने का फरमान सुना दिया। कानूनी जानकारों की मानें तो कोर्ट के इस कड़े स्टैंड के बाद अब अनुराग कश्यप के पास बचने का कोई आसान रास्ता नहीं बचा है। उन्हें हर हाल में कानून का सामना करना पड़ेगा और अपनी इस विवादित टिप्पणी पर कोर्ट में सफाई देनी होगी।