Gaurav Khanna Trolling: Bigg Boss 19 के विनर गौरव खन्ना ने हाल ही में ट्रोलर्स के तंज और नेगेटिव कमेंट्स का सामना करते हुए एक मजबूत और प्रेरणादायक जवाब दिया है।
Gaurav Khanna Trolling: टीवी के दुनिया के सबसे फेमस रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' का सफर खत्म हो चुका है और एक्टर गौरव खन्ना इस सीजन के विजेता बने हैं। गौरव ने भले ही ट्रॉफी अपने नाम कर ली हो, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी जीत को लेकर हर दिन कोई-ना-कोई बहस छिड़ती आई है। बता दें, कुछ लोगों ने उन्हें 'फिक्स्ड विनर' बताया तो कुछ ने कहा कि वो चैनल (कलर्स) का जाना-पहचाना चेहरा हैं, इसलिए उन्हें जिताया गया।
अब इन इन सारे आरोपों के बाद गौरव खन्ना ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा, "मुझे लोगो को खुश नहीं करना, मैं खुद को यहां परखने आया था, ना कि खुश करने।" बता दें, फरीदून शहरयार को दिए एक इंटरव्यू में गौरव खन्ना ने ट्रोल्स की बोलती बंद कर दी। गौरव ने कहा कि अक्सर लोग 'बिग बॉस' में तब आते हैं जब उन्हें अपना करियर फिर से शुरू करना होता है, लेकिन वो तब इस शो का हिस्सा बने जब उनका करियर पहले से ही बेहतरीन चल रहा था। इसके बाद गौरव ने बताया, "मैं 20 साल से डेली सोप कर रहा हूं। मैं यहां किसी कंटेस्टेंट को इम्प्रेस करने या 15-16 लोगों को खुश करने नहीं आया था। मैं खुद को परखना चाहता था कि क्या मैं एक रियलिटी शो में अपनी गरिमा बनाए रख सकता हूं।"
इतना ही नहीं, गौरव खन्ना को 'कलर्स का दामाद' या 'चैनल का चेहरा' कहकर ट्रोल किया जा रहा है। इस पर एक्टर ने एक मजेदार तर्क दिया। उन्होंने कहा, "लोग कहते हैं कि मैं कलर्स का चेहरा हूं, इसलिए जीता, लेकिन सच तो ये है कि कलर्स टीवी पर मेरा आखिरी शो 'ये प्यार ना होगा कम' था, जो साल 2010 में आया था। पिछले 15 सालों से मैंने इस चैनल के साथ कोई शो नहीं किया।" इसके बाद गौरव ने आगे कटाक्ष करते हुए बोला, "अगर 2025-26 में भी लोग मुझे 15 साल पुराने एक शो की वजह से 'चैनल का चेहरा' मान रहे हैं, तो इसका मतलब है कि मैं वाकई बहुत बड़ा स्टार हूं। सिर्फ चेहरे के दम पर कोई शो नहीं जीता जाता, उसके लिए परफॉर्म भी करना पड़ता है।"
बता दें, शो के दौरान हुए झगड़ों और साथी कंटेस्टेंट्स के बयानों पर गौरव ने कहा कि उन्हें पता था कि लोग उन्हें निशाना बनाएंगे और बदनाम करने की कोशिश करेंगे लेकिन उनका मकसद एक बेहतर इंसान बनकर बाहर निकलना था। गौरव के मुताबिक, 'बिग बॉस' समझदारी का खेल है और उन्होंने इसे अपनी शर्तों पर खेला, न कि दूसरों के दबाव में आकर।