
नई दिल्ली: लॉकडाउन में गरीबों के मसीहा बनकर उभरे सोनू सूद इन दिनों बृह्नमुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा किए गए एक केस के चलते सुर्खियों में हैं। बीएमसी ने सोनू पर अवैध निर्माण का आरोप लगाया है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एक हलफनामे में बीएमसी ने सोनू सूद को आदतन अपराधी बताया है।
बीएमसी ने कहा कि सोनू सूद एक आदतन अपराधी हैं, जो पहले दो बार तोड़फोड़ की कार्रवाई के बावजूद जुहू में एक रिहायशी इमारत में अवैध निर्माण करवाते रहे हैं। इसके साथ ही बीएमसी ने अपने हलफनामे में कहा कि सोनू सदू गैरकानूनी तरीके से पैसा कमाने चाहते हैं। साथ ही सोनू ने लाइसेंस विभाग की अनुमति बगैर ध्वस्त किए गए हिस्से का फिर एक बार अवैध निर्माण कराया। ताकि इसका होटल के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।
वहीं, इस विवाद के दौरान सोनू सूद ने मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। दोनों के बीच लगभग आधे घंटे तक बातचीत हुई। खबरों के मुताबिक, शरद पवार से बातचीत में सोनू सूद ने उनसे कहा कि उन्होंने किसी तरह का अवैध निर्माण नहीं करवाया है। ये कुछ लोगों की उन्हें बदनाम करने की साजिश है।
सोनू सूद ने अपना दर्द ट्विटर पर भी बयां किया है। उन्होंने एक ट्वीट किया। जिसमें लिखा हुआ है- "मसला यह भी है दुनिया का...कि कोई अच्छा है तो अच्छा क्यों है।"
बता दें कि बीएमसी ने सोनू सूद के खिलाफ जुहू पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि मुंबई में AB नायर रोड पर शक्ति सागर बिल्डिंग को सोनू ने बिना अनुमति के होटल बना दिया। यह एक छह मंजिला रिहायशी इमारत है। ऐसे में उसका कारोबार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। सोनू सूद पर यह भी आरोप लगाया है कि लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद वह अपनी बिल्डिंग में अवैध निर्माण करवाते रहे।