
मनोज मुंतशिर ने बोला हमला (फोटो सोर्स- ANI)
Manoj Muntashir on AR Rahman: बॉलीवुड में फिल्मों, संगीत और विचारों को लेकर बहस अक्सर सुर्खियां बटोरती है। अब मशहूर गीतकार मनोज मुंतशिर और दिग्गज संगीतकार एआर रहमान के पुराने बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मनोज मुंतशिर ने रहमान के उस बयान पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम मिलने को लेकर संभावित भेदभाव और धार्मिक पहचान के प्रभाव की बात कही थी। इतना ही नहीं, मनोज ने फिल्म ‘छावा’ को लेकर एआर रहमान की टिप्पणी पर भी अपनी असहमति जाहिर की है।
शुभांकर मिश्रा के साथ यूट्यूब इंटरव्यू में मनोज मुंतशिर ने एआर रहमान के उस दावे पर अपनी राय रखी, जिसमें संगीतकार ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पिछले कुछ वर्षों के दौरान काम को लेकर अलग तरह के अनुभव होने की बात कही थी। रहमान ने एक पुराने इंटरव्यू में संकेत दिया था कि इंडस्ट्री में सत्ता का समीकरण बदलने और संभावित सामुदायिक पूर्वाग्रह के कारण उन्हें काम मिलने में बदलाव महसूस हुआ।
मनोज ने इस बात को दूसरे नजरिए से देखने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि किसी कलाकार को कम काम मिलने के पीछे कई पेशेवर वजहें हो सकती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसी के साथ रिश्ते अच्छे न होना या पिछले कुछ समय में गानों का अपेक्षित प्रदर्शन न करना भी काम के अवसरों को प्रभावित कर सकता है।
मनोज ने यह भी कहा कि देश में मुस्लिम समुदाय से आने वाली कई बड़ी हस्तियों ने अपने क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल किया है। उनके मुताबिक, एआर रहमान खुद देश के सबसे बड़े संगीत नामों में शामिल हैं। ऐसे में वह रहमान से इस मुद्दे पर आमने-सामने बातचीत करना चाहेंगे।
मनोज मुंतशिर ने विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ को लेकर एआर रहमान की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। दरअसल, रहमान ने फिल्म को लेकर ‘प्रोपेगेंडा’ से जुड़ी टिप्पणी की थी, जबकि वह खुद इस प्रोजेक्ट के संगीतकार थे।
इस पर मनोज ने सवाल उठाया कि अगर रहमान को फिल्म की कहानी या उसके विचारों से आपत्ति थी, तो उन्हें प्रोजेक्ट स्वीकार करने से पहले ही इस बारे में फैसला लेना चाहिए था। मनोज के मुताबिक, किसी फिल्म के लिए संगीत तैयार करने से पहले उसकी कहानी और स्क्रिप्ट से परिचित होना स्वाभाविक है। मनोज ने इसी संदर्भ में कहा कि अगर किसी कलाकार को फिल्म का कंटेंट सही नहीं लगता, तो वह उसका हिस्सा न बनने का विकल्प चुन सकता है। उनके मुताबिक, फिल्म पूरी करने के बाद उसे प्रोपेगेंडा कहना उन्हें समझ नहीं आता।
हालांकि मनोज मुंतशिर ने ये भी साफ किया कि वो इस मुद्दे को व्यक्तिगत विवाद बनाने के बजाय बातचीत के जरिए समझना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर मौका मिला तो वह एआर रहमान से सीधे इस बारे में सवाल करेंगे और दोनों के बीच खुली बातचीत हो सकती है।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर बॉलीवुड में काम, धर्म, पेशेवर रिश्तों और रचनात्मक स्वतंत्रता को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एआर रहमान ने अपने अनुभव के आधार पर इंडस्ट्री में संभावित पूर्वाग्रह की बात कही थी, वहीं मनोज मुंतशिर ने इसके पीछे दूसरी पेशेवर वजहों पर विचार करने की बात कही है। अब दोनों के विचारों को लेकर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
Updated on:
10 Aug 2026 04:16 pm
Published on:
10 Aug 2026 04:16 pm
