
Bombay High Court asked Salman Khan: बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार यानी आज 11 जून को सलमान खान के पनवेल फार्महाउस विवाद में एक अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने सलमान खान के पड़ोसी को उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई सामग्री हटाने पर विचार करने को कहा और साफ कहा कि सोशल मीडिया तक पहुंच किसी को भी किसी के खिलाफ बदनाम करने वाला कंटेंट पोस्ट करने का अधिकार नहीं देती।
पनवेल में सलमान खान के फार्महाउस से सटी संपत्ति के मालिक केतन कक्कड़ ने आरोप लगाया था कि फार्महाउस के निर्माण के दौरान पर्यावरण नियमों का उल्लंघन हुआ और उनकी प्रॉपर्टी तक पहुंच रोक दी गई। बता दें, केतन कक्कड़ ने इस विवाद से जुड़े वीडियो और कंटेंट सोशल मीडिया पर अपलोड किए।
इस पर सलमान खान ने सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया और उन पोस्ट को हटाने और भविष्य में ऐसी टिप्पणियों पर रोक लगाने की मांग भी की। जब सिविल कोर्ट ने आदेश देने से मना किया तो सलमान बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे। साथ ही, HC में सलमान ने ये भी कहा कि केतन कक्कड़ की पोस्ट न सिर्फ मानहानिकारक थीं बल्कि सांप्रदायिक रूप से भड़काने वाली भी थीं।
जस्टिस शर्मिला देशमुख ने सुनवाई के दौरान एक सवाल उठाया कि अगर किसी को कोई शिकायत है तो वो संबंधित अधिकारियों के पास क्यों नहीं जाता और सीधे सोशल मीडिया पर वीडियो क्यों डालता है। बता दें, जस्टिस देशमुख ने ये भी कहा कि सिर्फ इसलिए कि किसी के पास सोशल मीडिया अकाउंट है इसका मतलब ये नहीं कि वो किसी भी व्यक्ति चाहे आम नागरिक हो और सेलेब्रिटी को बदनाम करने के लिए वीडियो अपलोड कर सकता है। दरअसल, कोर्ट ने ये भी कहा कि झगड़ों को सोशल मीडिया पर लड़ने के बजाय सही कानूनी मंच पर ले जाना चाहिए। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि क्या सिर्फ ये तय करने में अदालत का समय बर्बाद होना चाहिए कि कोई पोस्ट मानहानिकारक है या नहीं।
इतना ही नहीं, बेंच ने केतन कक्कड़ को विवादित कंटेंट हटाने पर विचार करने का सुझाव दिया। साथ ही, ये भी कहा कि अगर कंटेंट किसी तीसरे पक्ष ने अपलोड किया है तो उसे इंटरमीडियरी के जरिए भी हटाया जा सकता है। बता दें, मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी।