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हनी सिंह और बादशाह के विवादित गाने ‘वॉल्यूम 1’ पर दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाया बैन, सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने का निर्देश

Honey Singh-Badshah Volume 1 Rap Song Banned: रैपर- सिंगर हनी सिंह और बादशाह के गाने वॉल्यूम 1 पर दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से बैन लगा दिया गया है और तुरंत गाने को हटाने के निर्देश दे दिए हैं।

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Apr 02, 2026
Honey Singh-Badshah Volume 1 Rap Song Banned (सोर्स- एक्स)

Honey Singh-Badshah Volume 1 Rap Song Banned: दिल्ली हाई कोर्ट ने मशहूर रैप सॉन्ग 'वॉल्यूम 1' को लेकर बड़ा और सख्त रुख अपनाते हुए इसके प्रसारण पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस गाने के बोलों को न केवल अश्लील बताया बल्कि महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताते हुए इसे सामाजिक मूल्यों के लिए भी हानिकारक माना है। इस फैसले के बाद संगीत जगत और सोशल मीडिया दोनों जगह इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।

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अदालत ने जताई गंभीर नाराजगी (Honey Singh-Badshah Volume 1 Rap Song Banned)

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि गीत की भाषा ऐसी है जिसे किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दुर्लभ मामलों में से एक है, जहां गीत के शब्दों ने अदालत की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। अदालत के अनुसार गीत के बोल महिलाओं को वस्तु की तरह प्रस्तुत करते हैं और इस तरह की सामग्री को कला की स्वतंत्रता के नाम पर सही नहीं ठहराया जा सकता।

इसी कारण अदालत ने निर्देश दिया कि इस गीत से जुड़े सभी वीडियो, ऑडियो और रीमिक्स संस्करणों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाया जाए।

सभी प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश

अदालत ने गीत से जुड़े अधिकार रखने वाले सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया, म्यूजिक ऐप्स और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से इस सामग्री को तुरंत हटाया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि यदि भविष्य में भी इस गीत के किसी अन्य संस्करण की जानकारी मिलती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

यह याचिका एक सामाजिक संगठन की ओर से दायर की गई थी, जिसमें गीत के बोलों को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया गया था। अदालत ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत ने ये भी साफ किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल इस तरह की सामग्री को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जा सकता, जो समाज के एक वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाए। न्यायालय ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूद सामग्री सभी आयु वर्ग के लोगों तक पहुंचती है, इसलिए जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।

सरकार और प्लेटफॉर्म को भी दिए निर्देश

अदालत ने केंद्र सरकार को भी इस मामले में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं ताकि गीत के सभी ऑनलाइन लिंक पूरी तरह ब्लॉक किए जा सकें। साथ ही याचिकाकर्ता को अनुमति दी गई है कि यदि भविष्य में इस गीत से जुड़े नए लिंक सामने आते हैं तो उनकी जानकारी सीधे संबंधित प्लेटफॉर्म और अधिकारियों को दी जा सके।

इस मामले की अगली सुनवाई 7 मई 2026 को निर्धारित की गई है। ऐसे में अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि आगे अदालत क्या रुख अपनाती है और संगीत इंडस्ट्री इस फैसले पर कैसी प्रतिक्रिया देती है।

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Published on:
02 Apr 2026 05:11 pm
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