साल 1978 में रिलीज हुई फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' (Satyam Shivam Sundaram) में जीनत अमान (Zeenat Aman) के बोल्ड किरदार ने काफी सुर्खियां बटोरी थी, जिसके बाद देव आनंद (Dev Anand) इसको लेकर एक बड़ी बात कह दी थी.
इंडस्ट्री की कई फिल्मों में बेहतरीन फिल्मों के तौर पर देखा जाता है, जिनकी गिनती करना भी मुमकिन नहीं. वहीं उन फिल्मों में अपने-अपने किरदार निभाने वाले सितारों को भी इसके लिए भूलाया नहीं जा सकता. ऐसी ही एक फिल्म थी, जो साल 1978 में रिलीज हुई थी. फिल्म का नाम 'सत्यम शिवम सुंदरम' (Satyam Shivam Sundaram) है. इस फिल्म में शशि कपूर (Shashi Kapoor) के साथ जीनत अमान (Zeenat Aman) नजर आई थीं. फिल्म में उनके बोल्ड किरदार ने काफी सुर्खियां बटोरी थी.
फिल्म की स्टोरीलाइन ने फैंस का दिल जीत लिया था. साथ ही फिल्म में सभी ने अपने किरदारों को बेहतरीन तरीके से निभाकर खूब वाहवाही बटोरी थी. इस फिल्म के गाने आज भी काफी पसंद किए जाते हैं. साथ ही आज भी जीनत अमान को इस फिल्म के लिए जाना जाता है. उस दौर में इस तरह के बोल्ड सीन्स देना हर एक्ट्रेस के बस की बात नहीं हुआ करती थी. फिल्म में जीनत अमान ने रूपा नाम की एक लड़की का किरदार निभाया था, जिसका चेहरा तेल से जल जाता है, लेकिन उसकी आवाज बेहद खूबसूरत होती है. इस आवाज से शशि कपूर को प्यार हो जाता है और वो उससे शादी करने की ठान लेता है.
ये अपने दौर का एक ब्लॉकबस्ट फिल्म थी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस दौर के सुपरस्टार देव आनंद (Dev Anand) को ये फिल्म कुछ खास पसंद नहीं आई थी, जिसको लेकर उन्होंने इसे 'गंदी फिल्म' तक कह दिया था. दरअसल, जिस समय में 'सत्यम शिवम सुंदरम' फिल्म रिलीज हुई थी उसी समय में देव आनंद की फिल्म ‘देस परदेस’ भी रिलीज हुई थी. ये फिल्म देव के करियर के लिए मिल का पत्थर साबित हुई थी, लेकिन फिर भी वो इस खुशी से खुश नहीं थे. उनको राज कपूर की इस फिल्म यानी 'सत्यम शिवम सुंदरम' की सफलता से ज्यादा दिक्कत होने लगी थी. इस फिल्म के बारे में बात करते हुए एक बार उन्होंने सांघवी से कहा था कि 'ये एक गंदी फिल्म है'.
देव आनंद ने बताया कि 'आपने फिल्म में नोटिस किया कि कैसे कैमरा केवल जीनत की बॉडी पर फोकस करता रहा?'. वहीं अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए जीनत अमान ने बताया था कि 'एक दिन जब हमारा शूट खत्म हो गया, तब मैंने रूपा के किरदार में जाने की कोशिश की. मैंने वो गेटअप किया और अपने चेहरे के एक साइड टिश्यू पेपर लगा लिया, जिससे वो जला हुआ दिखे. मैंने अपने किरदार को प्रिजेंट करने के लिए वो सब किया जो कर सकती थी. इसके बाद मैं राज कपूर जी से मिलने पहुंची. जहां मैं गेट पर रुक गई, जब गार्ड ने मुझसे पूछा कौन? तब मैंने कहा, राज जी से कहिए रूपा आई है'.