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ZEE 5 से हटने के बाद देश के पांच राज्यों के गुरुद्वारों में दिखाई जाएगी Satluj, सिखों के धार्मिक संस्थानों ने किया एलान

Satluj Movie Controversy: दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब देश के पांच राज्यों के गुरुद्वारों में फिल्म को दिखाए जाने की तैयारी की जा रही है।
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Jul 09, 2026
Satluj Movie Controversy
Satluj Movie Controversy (सोर्स- @IMDb)

Satluj Movie Controversy: पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' एक बार फिर सुर्खियों में है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के महज दो दिन बाद फिल्म को हटाए जाने के बाद अब इसे देशभर के कई गुरुद्वारों में सामुदायिक स्क्रीनिंग के जरिए लोगों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इस फैसले ने फिल्म को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है।

48 घंटे बाद ही ओटीटी से हटी फिल्म

फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। लंबे समय तक सेंसर और रिलीज से जुड़े विवादों का सामना करने के बाद आखिरकार ये फिल्म जुलाई 2026 में ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 पर रिलीज हुई थी। हालांकि रिलीज के 48 घंटे के भीतर ही इसे भारत में हटा लिया गया। इसके बाद अब सिख धार्मिक संस्थाओं ने फिल्म की स्क्रीनिंग अपने स्तर पर आयोजित करने का फैसला किया है।

पांच राज्यों के गुरुद्वारों में होगी स्क्रीनिंग

जानकारी के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू के कई गुरुद्वारों में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी। विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक समितियां मिलकर इस पहल को आगे बढ़ा रही हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी देख सकें।

जम्मू में 10 से 13 जुलाई के बीच चार अलग-अलग गुरुद्वारों में फिल्म दिखाई जाएगी। वहीं जयपुर के चांदी की टकसाल गुरुद्वारे के बाबा फतेह सिंह ऑडिटोरियम में भी सार्वजनिक स्क्रीनिंग का पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।

फिल्म हटने के बाद क्यों उठाया गया यह कदम?

गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों का कहना है कि यदि फिल्म ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं कि इसकी कहानी लोगों तक पहुंचनी बंद हो जाए। उनका मानना है कि जसवंत सिंह खालड़ा जैसे मानवाधिकार कार्यकर्ता की कहानी नई पीढ़ी तक पहुंचना बेहद जरूरी है।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष ने भी फिल्म को दोबारा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बहाल करने की मांग दोहराई है और सामुदायिक स्क्रीनिंग का समर्थन किया है।

चार साल तक अटकी रही रिलीज

इस फिल्म की रिलीज का सफर बेहद मुश्किल रहा। बताया जाता है कि फिल्म लगभग चार साल पहले तैयार हो चुकी थी, लेकिन सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के कारण इसकी रिलीज लगातार टलती रही।

पहले फिल्म का नाम 'घल्लूघारा' रखा गया था। बाद में सेंसर बोर्ड ने कई बदलाव सुझाए और शीर्षक बदलकर 'Punjab '95' करने को कहा। इसके बाद संशोधित समिति की ओर से बड़ी संख्या में कट्स और कुछ किरदारों के नाम बदलने जैसी मांगें भी सामने आईं। निर्माताओं ने इन बदलावों को स्वीकार नहीं किया, जिसके चलते फिल्म लंबे समय तक रिलीज नहीं हो सकी।

आखिरकार जुलाई 2026 में फिल्म अपने मूल स्वरूप के करीब ओटीटी पर रिलीज हुई, लेकिन कुछ ही समय बाद इसे भारत में हटा लिया गया।

दिलजीत दोसांझ का भी आया था रिएक्शन

फिल्म हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इस बीच दिलजीत दोसांझ ने भी संकेत दिया था कि उन्हें इस तरह की स्थिति की पहले से आशंका थी। वहीं कई राजनीतिक दलों और सिख संगठनों ने भी फिल्म हटाने के फैसले की आलोचना की।

इन कलाकारों ने निभाई अहम भूमिकाएं

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्याण भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। फिल्म का विषय और इसके इर्द-गिर्द खड़ा हुआ विवाद इसे लगातार चर्चा में बनाए हुए है।

Updated on:
09 Jul 2026 09:46 am
Published on:
09 Jul 2026 09:45 am