
Filmmaker Ashok Pandit on India-Pakistan T20 World Cup Match: मुंबई में आयोजित वार्षिक पुष्प उत्सव के मंच से फिल्ममेकर अशोक पंडित ने पुलवामा हमले की बरसी पर भावुक और कड़ा बयान दिया। अंधेरी स्थित समारोह में कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद थीं, जिनमें अभिनेता अक्षय कुमार भी शामिल रहे। इसी दौरान भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले को लेकर पंडित ने सवाल उठाया और कहा कि शहीदों की याद के बीच ऐसे मैच पर पुनर्विचार होना चाहिए।
14 फरवरी की तारीख देश के लिए संवेदनशील मानी जाती है। 2019 में इसी दिन हुए पुलवामा अटैक ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अशोक पंडित ने कहा कि वह स्वयं कश्मीर से जुड़े रहे हैं और आतंकवाद की पीड़ा को करीब से महसूस किया है। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता। उनके अनुसार, यह दिन केवल शोक का नहीं बल्कि संकल्प का भी है।
15 फरवरी को होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पंडित ने स्पष्ट शब्दों में अपनी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जब तक आतंकवाद की घटनाएं बंद नहीं होतीं और हालात में ठोस सुधार नहीं दिखता, तब तक खेल या अन्य संबंधों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की। पंडित का मानना है कि खेल और कूटनीति को पूरी तरह अलग मानना हमेशा संभव नहीं होता, खासकर जब राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न जुड़ा हो।
कार्यक्रम के दौरान अभिनेता राजपाल यादव का जिक्र भी आया। हाल ही में कानूनी विवादों में घिरे राजपाल को लेकर पंडित ने कहा कि व्यक्तिगत संकट और राष्ट्रीय मुद्दों को अलग नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि कलाकारों की जिम्मेदारी समाज के प्रति भी होती है, लेकिन किसी भी मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान जरूरी है।
अशोक पंडित के बयान ने एक बार फिर ये बहस छेड़ दी है कि क्या खेल और संस्कृति को राजनीति से पूरी तरह अलग रखा जा सकता है। पुलवामा की बरसी पर उठे इन सवालों ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा को तेज कर दिया है। जहां एक ओर कुछ लोग खेल को सौहार्द का माध्यम मानते हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे संवेदनशील समय में अनुचित कदम बताते हैं।