
Hollywood Vs Bollywood horror films: बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली हॉरर फिल्मों और कम बजट में बनी हॉलीवुड की नई हॉरर फिल्मों के बीच का फासला आजकल फैंस के बीच सुर्खियों का विषय बना हुआ है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर बिना बड़े स्टार, महंगे VFX और बड़े सेट्स के बाद भी हॉलीवुड की कई हॉरर फिल्में दर्शकों को ज्यादा फ्रेश और डरावनी क्यों लगती हैं?
Obsession जैसी हॉलीवुड की नई हॉरर फिल्मों का फोकस डर दिखाने से ज्यादा डर फिर कराने पर होता है और हाल के सालों में आई कई फिल्मों ने ये साबित किया है कि एक मजबूत आइडिया और अनोखा माहौल किसी भी बड़े बजट से ज्यादा असरदार हो सकता है। अब ऐसी फिल्मों में भूत और राक्षस से ज्यादा इंसानी डर, अकेलापन, डिपरेशन और रहस्य को फोकस में रखा जाता है, क्योंकी दर्शक को हर सवाल का जवाब नहीं दिया जाता, इसीलिए कहानी खत्म होने के बाद भी वो उसके बारे में सोचता रहता है।
अब अगर इसके मुकाबले बॉलीवुड की कई हॉरर फिल्में अभी भी पुराने फॉर्मूले पर चलती दिखाई देती हैं। जैसें डरावनी हवेली, आत्मा, तांत्रिक, एक्सॉर्सिज्म और अचानक आने वाले जंप-स्केयर, जो लंबे समय से यूज होते रहे हैं। हालांकि 1920, तुम्बाड और छोरी जैसी फिल्मों ने अलग दिशा दिखाने की कोशिश की, लेकिन बड़े स्तर पर अभी भी हॉरर को अक्सर कॉमेडी, गानों और कमर्शियल मसालों के साथ ही पेश किया जाता है।
बता दें, हॉलीवुड और बॉलीवुड हॉरर के बीच सबसे बड़ा फर्क कहानी कहने के तरीके में है। हॉलीवुड की नई पीढ़ी की हॉरर फिल्में दर्शकों को नॉर्मल और बेचैन करने पर जोर देती हैं, जबकि बॉलीवुड में डर को अक्सर सीधे तौर पर दिखाया जाता है। तो यही वजह है कि कम बजट वाली विदेशी हॉरर फिल्में भी सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ जाती हैं।
एक और बात इसमें सबसे खास है कि हॉलीवुड के फिल्ममेकर नए आइडिया को लॉच करने से नहीं डरते। इंटरनेट की कहानियां, अर्बन लीजेंड्स, साइकोलॉजिकल डर और आधुनिक समाज की चिंताओं को हॉरर के साथ जोड़ा जा रहा है। तो वहीं बॉलीवुड में जोखिम लेने की गुंजाइश हमेशा कम दिखाई देती है क्योंकि बड़े बजट के साथ बॉक्स ऑफिस का दबाव भी जुड़ा होता है।
दरअसल, ये कहना गलत होगा कि बॉलीवुड अच्छी हॉरर फिल्में नहीं बना रहा, लेकिन फैंस का मानना है कि जब डर के पीछे एक नया विचार और दमदार स्टोरी हो धुरंधर जैसी हो, तो वो किसी भी बड़े स्टार और महंगे VFX से ज्यादा असर छोड़ सकती है, तो शायद यही वजह है कि आज हॉलीवुड की कई छोटी हॉरर फिल्में दुनिया भर में चर्चा बटोर रही हैं, जबकि दर्शक बॉलीवुड से भी ऐसे ही नए और साहसी प्रयोगों की उम्मीद कर रहे हैं।