Vikrant Massey: 100 लोगों के सामने मैं रोया, मैं कभी उस वक्त को नहीं भूल पाउंगा जब डायरेक्टर ने पूरी टीम के सामने मुझ पर चिल्लाना शुरू कर दिया था। उनकी इन शब्दों ने मेरी उम्मीदों को तोड़ दिया और मैं अपने आप को टूटता हुआ महसूस कर रहा था, एक्टर ने किया ऐसा दर्दनाक खुलासा।
Vikrant Massey:विक्रांत मैसी का नाम बॉलीवुड के सबसे टैलेंटेड एक्टर में शुमार होता है। फिल्म '12th फेल' की ऐतिहासिक कामयाबी के बाद अब हर कोई उनकी एक्टिंग का दीवाना हो गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर दिखने वाली इस कामयाबी के पीछे अपमान, संघर्ष और आंसुओं की एक लंबी कहानी छिपी है? विक्रांत मैसी ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान शुरुआती दिनों के उन जख्मों को कुरेद कर बताया की, इस घटना को वो कभी नहीं भूल सकते हैं।
विक्रांत ने बताया कि उनका एक्टर बनने का सफर मजबूरी में शुरू हुआ था। जब वे सिर्फ 16 साल के थे, तब अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए वे मुंबई के एक रेस्टोरेंट में 'बरिस्ता' (कॉफी बनाने वाला) का काम करते थे। इसके साथ ही वे श्यामक डावर के ग्रुप में असिस्टेंट डांस इंस्ट्रक्टर भी थे। एक दिन रेस्टोरेंट में काम करते हुए एक टीवी प्रोड्यूसर की नजर उन पर पड़ी और उन्हें एक शो में लीड रोल का ऑफर मिला और विक्रांत ने बिना सोचे-समझे सिर्फ इसलिए हां कह दिया ताकि उनकी कॉलेज की फीस निकल सके।
बता दें, कैमरे का सामना करने का उनका पहला अनुभव किसी बुरे सपने जैसा था, जिसे विक्रांत ने याद करते हुए बताया, "मड आइलैंड के एक स्टूडियो में मेरी पहली शूटिंग थी। मैं उस समय पूरी तरह अनट्रेंड था। शो के डायरेक्टर काफी अनुभवी थे और वो मेरे काम से खुश नहीं थे। अचानक उन्होंने माइक पर सबके सामने मुझ पर चिल्लाना शुरू कर दिया। बता दें, उन्होंने कुछ ऐसी पर्सनल बातें कहीं कि मैं पूरी तरह टूट गया और 100 लोगों के सामने ही फूट-फूटकर रोने लगा।" हालांकि, उसी शाम उस डायरेक्टर ने आकर विक्रांत से माफी भी मांगी थी।
टीवी के दुनिया से पहचान बनाने के बाद जब विक्रांत ने फिल्मों की ओर अपना कदम बढाया तो वहां भी उनका रास्ता आसान नहीं था। उन्हें कई बार 'टीवी एक्टर' होने का ताना सुनना पड़ा। इस पर विक्रांत ने बताया, "कई प्रोड्यूसर्स और कास्टिंग डायरेक्टर्स ने मुझसे सीधे तौर पर कह दिया था कि तुम एक टीवी एक्टर हो और हम तुम्हारे साथ कभी काम नहीं करेंगे। तब ये माना जाता था कि टीवी के स्टार्स अच्छे एक्टर नहीं होते।"
इतने सारे अपमान और भेदभाव को सहते हुए विक्रांत ने कभी भी हार नहीं मानी और उन्होंने उन सभी को अपने टैलेंट से जवाब दिया जिन्होंने उन्हें नकारा था। आज वे उन कलाकारों की फेहरिस्त में सबसे ऊपर हैं जिन्होंने टीवी से आकर सिनेमा में अपनी धाक जमाई है। विक्रांत ने यामी गौतम और मृणाल ठाकुर जैसे सितारों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज टीवी से आए कलाकार ही फिल्म इंडस्ट्री को बेहतर और सफल बना रहे हैं। बता दें, विक्रांत मैसी का ये सफर उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।