
Bollywood Actresses Who Have Origin From Iran: दुनिया भले ही राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से जूझ रही हो, लेकिन कला और सिनेमा की दुनिया हमेशा सरहदों से परे रही है। भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक रिश्ते दशकों पुराने हैं।
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी कई ऐसी अभिनेत्रियां रही हैं, जिनकी जड़ें ईरान से जुड़ी हैं और जिन्होंने अपने हुनर से दर्शकों का दिल जीता। 60 के दशक से लेकर आज के ओटीटी दौर तक इन चेहरों ने बॉलीवुड में खास पहचान बनाई। चलिए एक नजर डालते हैं उन पाचों चेहरों पर।
हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम काल की चर्चित अभिनेत्री मुमताज का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उनका जन्म भारत में हुआ, लेकिन उनके परिवार की पृष्ठभूमि ईरान से जुड़ी रही। 60 और 70 के दशक में वो इंडस्ट्री की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शुमार थीं। ‘दो रास्ते’, ‘ब्रह्मचारी’ और ‘खिलौना’ जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टारडम के शिखर पर पहुंचाया। उनकी चुलबुली अदाकारी और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें दर्शकों की चहेती बना दिया।
ईरान में जन्मी और स्वीडन में पली-बढ़ीं मरियम जकारिया ने 2009 के बाद बॉलीवुड में कदम रखा। मॉडलिंग और विज्ञापनों से शुरुआत करने के बाद उन्होंने फिल्मों में आइटम नंबर और स्पेशल अपीयरेंस के जरिए पहचान बनाई। बड़े बैनर की फिल्मों में उनके डांस नंबर ने उन्हें ग्लैमरस स्टार के रूप में स्थापित किया। दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी वह अपने खास अंदाज के लिए जानी जाती हैं।
निगार खान नॉर्वे में पली-बढ़ीं, लेकिन उनकी जड़ें ईरान से जुड़ी हैं। उन्होंने 2000 के दशक की शुरुआत में हिंदी फिल्मों में छोटे-छोटे रोल और आइटम सॉन्ग के जरिए पहचान बनाई। भले ही वो मुख्यधारा की हीरोइन के रूप में ज्यादा समय तक न दिखीं, लेकिन उनका अलग लुक और इंटरनेशनल अपील उन्हें भीड़ से अलग करती रही।
तेहरान में जन्मीं मंदाना करीमी ने मॉडलिंग से करियर की शुरुआत की और फिर हिंदी फिल्मों में कदम रखा। ‘भाग जॉनी’ और ‘क्या कूल हैं हम 3’ जैसी फिल्मों में नजर आने के बाद उन्होंने रियलिटी शो में भी भाग लिया। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज के जरिए उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। अपने बेबाक विचारों के कारण वो अक्सर सुर्खियों में रहती हैं।
एलनाज नौरोजी ने मॉडलिंग से शुरुआत कर अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में काम किया। हिंदी दर्शकों के बीच उन्हें असली पहचान वेब सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ से मिली। इसके बाद उन्होंने फिल्मों और अन्य डिजिटल प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। आज वह उन चेहरों में शामिल हैं जिन्होंने ओटीटी के जरिए ग्लोबल पहचान बनाई।
इन पांच अभिनेत्रियों का सफर ये दिखाता है कि सिनेमा किसी एक देश की सीमाओं में बंधा नहीं रहता। अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आईं इन कलाकारों ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को समृद्ध किया है। 60 के दशक की सिल्वर स्क्रीन से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक, ईरानी मूल की इन अभिनेत्रियों ने यह साबित किया कि प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती।