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क्या है वो विवाद जिसपर तुकाराम मुंडे ने शाहरुख-अजय को लगाई लताड़? बोले- स्टार होंगे अपने घर में, मेरे लिए कानून तोड़ने वाले

IAS Tukaram Mundhe On Shahrukh-Ajay Devgn: अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ और शाहरुख खान के पान मसाला ऐड विवाद को लेकर IAS तुकाराम मुंडे ने बयान दिया है।
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IAS Tukaram Mundhe On Shahrukh-Ajay Devgn

IAS तुकाराम मुंडे, अजय-शाहरुख (फोटो सोर्स- IMDb)

IAS Tukaram Mundhe On Shahrukh-Ajay Devgn: बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ इन दिनों एक विज्ञापन को लेकर कानूनी जांच के दायरे में हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने तीनों अभिनेताओं को लेकर कहा है कि इस मामले में उनकी पहचान बॉलीवुड स्टार के तौर पर नहीं, बल्कि विज्ञापन में शामिल एंडोर्सर के रूप में की जा रही है। FDA ने अगस्त में तीनों को शो-कॉज नोटिस जारी किया था।

दरअसल, मामला पान मसाला के विज्ञापन से जुड़ा है। महाराष्ट्र FDA का आरोप है कि इस विज्ञापन के जरिए पान मसाला का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रमोशन हो सकता है। राज्य में पान मसाला पर प्रतिबंध से जुड़े नियमों के बीच FDA ने विज्ञापन में नजर आने वाले शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ से इस संबंध में जवाब मांगा था।

तुकाराम मुंडे ने क्या कहा?

NDTV से बातचीत में तुकाराम मुंडे ने कहा कि सेलिब्रिटी होने की वजह से किसी को अलग व्यवहार नहीं दिया जाएगा। उनके मुताबिक, इस मामले में तीनों कलाकार विज्ञापन में शामिल प्रमोटर हैं और इसलिए नियामकीय प्रक्रिया उनके लिए भी लागू होती है। उन्होंने यह भी कहा कि FDA ने मामले में कानून के तहत कार्रवाई शुरू की है।

मुंढे के मुताबिक तीन में से दो अभिनेताओं ने FDA के नोटिस का जवाब दे दिया है और उनके जवाबों को आगे की कार्यवाही में देखा जाएगा। वहीं एक अभिनेता की ओर से जवाब नहीं मिलने के बाद FDA ने उसके खिलाफ एडजुडिकेशन और प्रॉसिक्यूशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। हालांकि, जब उनसे खास तौर पर पूछा गया कि क्या शाहरुख खान ने जवाब दिया है, तो मुंडे ने कहा कि उन्हें इसकी सटीक जानकारी नहीं है और संभव है कि जवाब नहीं आया हो।

विज्ञापन करने वालों की भी जिम्मेदारी

FDA कमिश्नर ने यह तर्क भी खारिज किया कि ऐसे मामलों में केवल उत्पाद बनाने वाली कंपनी की जिम्मेदारी होती है। उनके मुताबिक, खाद्य उत्पादों के विज्ञापन से जुड़े नियमों के तहत एंडोर्सर की भी कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। किसी ब्रांड से जुड़ने से पहले सेलिब्रिटी को यह देखना चाहिए कि जिस उत्पाद का वह प्रचार कर रहे हैं, उसके बारे में जरूरी जांच-पड़ताल की गई है या नहीं।

महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त को तीनों अभिनेताओं को नोटिस भेजकर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा था। नोटिस में विज्ञापन को लेकर यह सवाल उठाया गया था कि पान मसाला के प्रचार के जरिए कहीं पान मसाला का अप्रत्यक्ष प्रचार तो नहीं हो रहा। रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेताओं से विज्ञापन से जुड़े दस्तावेज और उनकी ओर से की गई उचित जांच-पड़ताल की जानकारी भी मांगी गई थी।

दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

यह विवाद अब अदालत तक भी पहुंच चुका है। पान मसाला से जुड़ी कंपनी PB Agro LLP ने महाराष्ट्र FDA के नोटिस को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। 14 सितंबर को अदालत ने याचिका को क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के आधार पर खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि इस मामले में महाराष्ट्र की अदालतें उचित मंच हैं। हालांकि, अदालत के इस फैसले में सरोगेट विज्ञापन के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया।

फिलहाल FDA की प्रक्रिया जारी है और तीनों अभिनेताओं की भूमिका को लेकर नियामकीय जांच आगे बढ़ रही है। मामले में अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित कार्यवाही और उसके परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगी।

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