
Jacqueline Fernandez Money laundering case: बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस से जुड़े 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक नया कानूनी मोड़ सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को एक्ट्रेस को उनकी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। जैकलीन ने ये याचिका दिल्ली की एक अदालत के उस आदेश को चुनौती देते हुए दायर की थी, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय करने का रास्ता साफ किया गया था।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने हुई। बता दें, सुनवाई के दौरान जैकलीन फर्नांडिस की ओर से वकील ने अदालत से रिक्वेस्ट किया कि उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए, ताकि वे कानून के तहत उपलब्ध अन्य उचित कानूनी उपायों का सहारा ले सकें। बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने इस अनुरोध को एक्सेप्ट करते हुए एक्ट्रेस को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। बता दें, अदालत ने ये भी साफ किया कि याचिकाकर्ता कानून के मुताबिक उपलब्ध अन्य ऑप्शन का यूज कर सकती हैं। इसके साथ ही शीर्ष अदालत में दायर ये विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) खत्म हो गई।
दरअसल, दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, जैकलीन फर्नांडिस और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए एक्ट्रेस ने सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अब उन्होंने इस कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए दूसरा रास्ता अपनाने का फैसला किया है।
बता दें, 200 करोड़ रुपये के इस कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच लंबे समय से ईडी द्वारा की जा रही है, जिसमें जांच एजेंसियों का आरोप है कि मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर ने अवैध तरीकों से हासिल धन का इस्तेमाल कई लोगों को महंगे उपहार और सुविधाएं देने में किया था। इस मामले में जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी जांच के दौरान सामने आया था, जिसके बाद उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस लगातार अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का कानूनी रूप से मुकाबला कर रही हैं। अब सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस लेने के बाद ये देखना मजेदार होगा कि वो आगे किस अदालत और कानूनी मंच पर राहत की मांग करती हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर फिल्म इंडस्ट्री और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है।