
Jayati Bhatia On Deepika Padukone:बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर अभिनेत्री जयती भाटिया ने एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। हालांकि, जयती ने साफ किया कि यह घटना किसी निजी विवाद या वास्तविक झगड़े से जुड़ी नहीं थी, बल्कि संजय लीला भंसाली की फिल्म 'रामलीला' की तैयारी के दौरान कराई गई एक एक्टिंग एक्सरसाइज का हिस्सा थी। साथ ही उन्होंने दीपिका की प्रोफेशनलिज्म, मेहनत और अभिनय के प्रति समर्पण की भी खुलकर तारीफ की।
हाल ही में एक इंटरव्यू में जयती भाटिया ने बताया कि उन्हें 'रामलीला' में दीपिका पादुकोण के किरदार 'लीला' के लिए कैरेक्टराइजेशन और इमोशनल ओपन-अप की वर्कशॉप कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। उनका मकसद था कि दीपिका अपने किरदार के भीतर मौजूद गुस्से, जुनून और बेबाकी को पूरी तरह महसूस कर सकें।
जयती भाटिया ने बताया कि वर्कशॉप के दौरान उन्होंने दीपिका से कहा कि वह संजय लीला भंसाली के ऑफिस की बालकनी में जाएं और नीचे मौजूद भेल वाले को देखकर लगातार गालियां दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस एक्सरसाइज का उद्देश्य किसी व्यक्ति का अपमान करना नहीं था, बल्कि एक कलाकार के भीतर दबे हुए आक्रोश और भावनाओं को बाहर निकालना था, ताकि वह किरदार में पूरी तरह ढल सके।
जयती ने बताया कि पहले उन्होंने खुद कुछ गालियां देकर दीपिका को यह अभ्यास समझाया। इसके बाद जब दीपिका की बारी आई तो उन्होंने पूरे आत्मविश्वास और सहजता के साथ बिना रुके गालियां बोलनी शुरू कर दीं। जयती के मुताबिक, दीपिका ने इतनी स्वाभाविक तरीके से यह एक्सरसाइज की कि वह खुद हैरान रह गईं। उन्होंने हंसते हुए कहा कि दीपिका ने ऐसी-ऐसी गालियां बोलीं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं सुनी थीं।
जयती भाटिया ने बताया कि इस वर्कशॉप की अवधि सात दिन की थी, लेकिन महज चार दिन बाद ही उन्हें एहसास हो गया कि दीपिका पूरी तरह अपने किरदार में उतर चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने खुद संजय लीला भंसाली से कहा कि अब दीपिका को उनकी जरूरत नहीं है, क्योंकि वह एक निडर और आत्मविश्वासी कलाकार की तरह किरदार को जीने लगी हैं।
उनके मुताबिक, फिल्म 'कॉकटेल' के बाद दीपिका के अभिनय में काफी बदलाव आया था और वह चुनौतीपूर्ण किरदारों को निभाने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। जयती ने कहा कि दीपिका हर निर्देश को गंभीरता से सुनती थीं और उससे भी बेहतर करने की कोशिश करती थीं।
इंटरव्यू में जयती भाटिया ने नेटफ्लिक्स सीरीज 'हीरामंडी' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस सीरीज की कास्टिंग लंबे समय तक चली थी और उन्हें आखिर में मौका मिला। उन्होंने माना कि कई कलाकारों को ऐसे मौके नहीं मिल पाते, जिससे निराशा होना स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी कलाकार को केवल किस्मत के आधार पर आंकना सही नहीं है। उन्होंने शरमीन सहगल का बचाव करते हुए कहा कि हर कलाकार अपनी तरफ से पूरी मेहनत करता है और दर्शकों की राय अलग-अलग हो सकती है।
जयती भाटिया ने बातचीत के दौरान कई बार दोहराया कि दीपिका पादुकोण बेहद मेहनती, अनुशासित और कमिटेड अभिनेत्री हैं। उन्होंने कहा कि दीपिका हर एक्टिंग एक्सरसाइज को पूरी ईमानदारी से करती थीं और अपने किरदार को बेहतर बनाने के लिए हर चुनौती स्वीकार करने को तैयार रहती थीं।
जयती के मुताबिक, भेल वाले को गालियां देने वाली घटना को उनके वास्तविक स्वभाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह केवल अभिनय प्रशिक्षण का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य एक भावनात्मक और चुनौतीपूर्ण किरदार के लिए कलाकार को मानसिक रूप से तैयार करना था। इसलिए इस किस्से को एक्टिंग प्रोसेस के संदर्भ में ही समझा जाना चाहिए, न कि दीपिका के निजी व्यवहार के तौर पर।